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‘ऐसा करके जाएंगे, जिसे दुनिया याद करेगी’
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 21 Jan 2016 12:17 AM IST
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रुड़की। आतंकी कनेक्शन में पकड़े गए लंढौरा के छात्र ने अपने खतरनाक इरादे काफी पहले ही जाहिर कर दिए थे। आसपास के कुछ नौजवानों की मानें तो अजीमुस्सान उर्फ अजीम उन्हें अपने लैपटॉप पर इराक, सीरिया, फलस्तीन जैसे देशों में कत्लेआम की तस्वीरें दिखाता था। इस दौरान वह कहता था कि ‘वह भी कुछ ऐसा करके जाएंगे, जिसे दुनिया याद करेगी’।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तराखंड पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने मंगलवार को रुड़की और मंगलौर क्षेत्र से चार छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें लंढौरा निवासी बीए प्रथम वर्ष का छात्र अजीम भी शामिल है। उसकी गिरफ्तारी की खबर का पता चलने पर इसके आसपास के गांवों के युवकों के जेहन में अजीम की ओर से कही गई पुरानी बातें ताजा हो गई हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ युवकों ने बताया कि अजीम जब भी मौका मिलता था तो वह उन्हें फेसबुक पर सीरिया, इराक, फलस्तीन जैसे युद्धग्रस्त देशों के फोटो दिखाया करता था। उसने कई बार उन्हें भी यह कहकर उकसाने का प्रयास किया कि ‘दुनिया के कई मुल्कों में मुस्लिमों पर अत्याचार किया जा रहा है। इसके लिए हमें भी कुछ करना चाहिए’। माना जा रहा है कि वह फेसबुक पर आईएसआईएस जैसे संगठनों के पेज लाइक करता था।
आधी रात फोन सुनकर उड़े परिजनों के होश
रुड़की। गिरफ्तार हुए अखलाकुर्रहमान और ओसामा के परिजन दिनभर उनकी तलाश में जुटे रहे। आधी रात उनके मोबाइल पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिलसिलेवार फोन किए। फोन सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। जबकि मेराज और अजीम को स्पेशल सेल ने उसके घर से गिरफ्तार किया।
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परिजनों के मुताबिक पॉलीटेक्निक के छात्र अखलाकुर्रहमान का मंगलवार को आखिरी पेपर था। घर से वह सुबह पेपर देने निकला था। लेकिन शाम तक नहीं लौटा। ओसामा कॉलेज से आने के बाद कोचिंग के लिए जौरासी से लंढौरा गया था। देर रात तक वापस नहीं आने से परिवार बेचैन था। रात करीब एक बजे दोनों के परिजनों को स्पेशल सेल ने फोन कर बताया कि उनके बेटों को गिरफ्तार किया गया है। यह सुनकर परिवार के होश फाख्ता रह गए। परिजनों ने दोबारा फोन मिलाया तो ज्यादा जानकारी के लिए दिल्ली आने के लिए बोला गया। वहीं मेराज और अजीम को स्थानीय पुलिस की मदद से उनके घरों से उठाया गया।
केमिस्ट्री की कोचिंग में बने थे दोस्त
पकड़े गए चारों युवकों ने अलग अलग स्कूलों से इंटर पास की। अलग अलग कॉलेजों में ही दाखिला लिया। आसपास के गांव कस्बे के होने के बावजूद उनकी मुलाकात केमिस्ट्री की कोचिंग क्लास में एक दूसरे से हुई। लंढौरा में मंगलौर रोड पर खुले इस कोचिंग सेंटर में अखलाक का भाई पढ़ाता भी है।
कांग्रेसी नेता का भाई है पकड़ा गया आरोपी
आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार छात्र मेराज का बड़ा भाई सरफराज कांग्रेसी नेता है। वह एक कांग्रेसी विधायक का करीबी भी बताया जाता है। परिवार से पूरा कस्बा अच्छी तरह परिचित है।
आपरेशन से अंजान रही लोकल पुलिस
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दबिश में स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग का सहयोग जरूर लिया, मगर उनसे आपरेशन छिपाया गया। उनके साथ लंढौरा पुलिस चौकी की टीम शामिल रही। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि स्पेशल टीम के पहुंचने पर स्थानीय पुलिस ने जय हिंद किया तो उन्होंने पलटकर जवाब तक नहीं दिया।
गड़बड़ी की साजिश से स्थानीय खुफिया अंजान
रुड़की। हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ में गड़बड़ी की साजिश रचे जाने की भनक स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन को नहीं लग सकी। यदि आईबी की ओर से समय से यह कार्रवाई न की जाती तो पकड़े गए चारों युवक बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने में कामयाब हो जाते।
मेला शुरू से ही आतंकवादियों को निशाने पर है। इसको लेकर लगातार आईबी की ओर से अलर्ट जारी किया जा रहा है। पठानकोट में हुए आतंकी हमले की घटना के बाद मेले को लेकर और ज्यादा सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही गई थी। लेकिन इसके बाद भी स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस की ओर से इस दिशा में सुरक्षा के कोई खास बंदोबस्त नहीं किए गए। लंढौरा जैसे छोटे से कस्बे में मेले में आतंकी घटना को अंजाम देने की पूरी साजिश तैयार हुई। लेकिन स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। गनीमत रही कि आईबी ने समय रहते कार्रवाई करते हुए मंगलवार को छापेमारी करते हुए एक के बाद एक चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके चलते मेले के लिए रची गई साजिश को नाकाम कर दिया। लेकिन इस घटनाक्रम ने स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस की तत्परता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तराखंड पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने मंगलवार को रुड़की और मंगलौर क्षेत्र से चार छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें लंढौरा निवासी बीए प्रथम वर्ष का छात्र अजीम भी शामिल है। उसकी गिरफ्तारी की खबर का पता चलने पर इसके आसपास के गांवों के युवकों के जेहन में अजीम की ओर से कही गई पुरानी बातें ताजा हो गई हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ युवकों ने बताया कि अजीम जब भी मौका मिलता था तो वह उन्हें फेसबुक पर सीरिया, इराक, फलस्तीन जैसे युद्धग्रस्त देशों के फोटो दिखाया करता था। उसने कई बार उन्हें भी यह कहकर उकसाने का प्रयास किया कि ‘दुनिया के कई मुल्कों में मुस्लिमों पर अत्याचार किया जा रहा है। इसके लिए हमें भी कुछ करना चाहिए’। माना जा रहा है कि वह फेसबुक पर आईएसआईएस जैसे संगठनों के पेज लाइक करता था।
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आधी रात फोन सुनकर उड़े परिजनों के होश
रुड़की। गिरफ्तार हुए अखलाकुर्रहमान और ओसामा के परिजन दिनभर उनकी तलाश में जुटे रहे। आधी रात उनके मोबाइल पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिलसिलेवार फोन किए। फोन सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। जबकि मेराज और अजीम को स्पेशल सेल ने उसके घर से गिरफ्तार किया।
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परिजनों के मुताबिक पॉलीटेक्निक के छात्र अखलाकुर्रहमान का मंगलवार को आखिरी पेपर था। घर से वह सुबह पेपर देने निकला था। लेकिन शाम तक नहीं लौटा। ओसामा कॉलेज से आने के बाद कोचिंग के लिए जौरासी से लंढौरा गया था। देर रात तक वापस नहीं आने से परिवार बेचैन था। रात करीब एक बजे दोनों के परिजनों को स्पेशल सेल ने फोन कर बताया कि उनके बेटों को गिरफ्तार किया गया है। यह सुनकर परिवार के होश फाख्ता रह गए। परिजनों ने दोबारा फोन मिलाया तो ज्यादा जानकारी के लिए दिल्ली आने के लिए बोला गया। वहीं मेराज और अजीम को स्थानीय पुलिस की मदद से उनके घरों से उठाया गया।
केमिस्ट्री की कोचिंग में बने थे दोस्त
पकड़े गए चारों युवकों ने अलग अलग स्कूलों से इंटर पास की। अलग अलग कॉलेजों में ही दाखिला लिया। आसपास के गांव कस्बे के होने के बावजूद उनकी मुलाकात केमिस्ट्री की कोचिंग क्लास में एक दूसरे से हुई। लंढौरा में मंगलौर रोड पर खुले इस कोचिंग सेंटर में अखलाक का भाई पढ़ाता भी है।
कांग्रेसी नेता का भाई है पकड़ा गया आरोपी
आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार छात्र मेराज का बड़ा भाई सरफराज कांग्रेसी नेता है। वह एक कांग्रेसी विधायक का करीबी भी बताया जाता है। परिवार से पूरा कस्बा अच्छी तरह परिचित है।
आपरेशन से अंजान रही लोकल पुलिस
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दबिश में स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग का सहयोग जरूर लिया, मगर उनसे आपरेशन छिपाया गया। उनके साथ लंढौरा पुलिस चौकी की टीम शामिल रही। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि स्पेशल टीम के पहुंचने पर स्थानीय पुलिस ने जय हिंद किया तो उन्होंने पलटकर जवाब तक नहीं दिया।
गड़बड़ी की साजिश से स्थानीय खुफिया अंजान
रुड़की। हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ में गड़बड़ी की साजिश रचे जाने की भनक स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन को नहीं लग सकी। यदि आईबी की ओर से समय से यह कार्रवाई न की जाती तो पकड़े गए चारों युवक बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने में कामयाब हो जाते।
मेला शुरू से ही आतंकवादियों को निशाने पर है। इसको लेकर लगातार आईबी की ओर से अलर्ट जारी किया जा रहा है। पठानकोट में हुए आतंकी हमले की घटना के बाद मेले को लेकर और ज्यादा सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही गई थी। लेकिन इसके बाद भी स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस की ओर से इस दिशा में सुरक्षा के कोई खास बंदोबस्त नहीं किए गए। लंढौरा जैसे छोटे से कस्बे में मेले में आतंकी घटना को अंजाम देने की पूरी साजिश तैयार हुई। लेकिन स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। गनीमत रही कि आईबी ने समय रहते कार्रवाई करते हुए मंगलवार को छापेमारी करते हुए एक के बाद एक चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके चलते मेले के लिए रची गई साजिश को नाकाम कर दिया। लेकिन इस घटनाक्रम ने स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस की तत्परता पर सवालिया निशान लगा दिया है।