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Roorkee News: कॉलोनी की खुुली जगह को अवैध तरीके से बेचने का आरोप
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- सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने एसएसपी से शिकायत कर की कार्रवाई की मांग
डिफेंस कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने एक आवास समिति के पदाधिकारियों पर कॉलोनी की खुली जगह को अवैध तरीके से बेचने और कूटरचित दस्तावेज की संरचना करने का आरोप लगाया है।
शनिवार को डिफेंस कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त कर्नल रमेश प्रसाद सिंह, त्रिजीवन सिंह पयाल और विजय मोहन नाथ ने एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। उन्होंने कहा कि उक्त समिति को सेना के सेवारत, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार को आवासीय सुविधा देने के लिए स्थापित किया गया था। जमीन खरीदने के लिए सेना मुख्यालय ने अनुदान दिया था। इस भूमि को विकसित करने के लिए डिफेंस कॉलोनी के रूप में आवासीय प्लॉटों की व्यवस्था की गई। जब मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का गठन हुआ तो समिति को स्वीकृत लेआउट प्लान की प्रति जमा करने के लिए निर्देश दिया गया।
आरोप लगाया कि 1986 में समिति के पदाधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत 680 प्लॉट की जगह 726 प्लॉटों वाला फर्जी व कूटरचित लेआउट एमडीडीए में जमा किया। यह 46 अतिरिक्त प्लॉट अवैध रूप से बिना किसी अधिकारी और बिना किसी खुली जगह के बेच दिए गए। इसके बाद समिति ने खुली जगह में से 54 अतिरिक्त प्लॉट बनाए और अवैध रूप से बेचे गए। उन्होंने जांच कराते हुए समिति के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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डिफेंस कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने एक आवास समिति के पदाधिकारियों पर कॉलोनी की खुली जगह को अवैध तरीके से बेचने और कूटरचित दस्तावेज की संरचना करने का आरोप लगाया है।
शनिवार को डिफेंस कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त कर्नल रमेश प्रसाद सिंह, त्रिजीवन सिंह पयाल और विजय मोहन नाथ ने एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। उन्होंने कहा कि उक्त समिति को सेना के सेवारत, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार को आवासीय सुविधा देने के लिए स्थापित किया गया था। जमीन खरीदने के लिए सेना मुख्यालय ने अनुदान दिया था। इस भूमि को विकसित करने के लिए डिफेंस कॉलोनी के रूप में आवासीय प्लॉटों की व्यवस्था की गई। जब मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का गठन हुआ तो समिति को स्वीकृत लेआउट प्लान की प्रति जमा करने के लिए निर्देश दिया गया।
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आरोप लगाया कि 1986 में समिति के पदाधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत 680 प्लॉट की जगह 726 प्लॉटों वाला फर्जी व कूटरचित लेआउट एमडीडीए में जमा किया। यह 46 अतिरिक्त प्लॉट अवैध रूप से बिना किसी अधिकारी और बिना किसी खुली जगह के बेच दिए गए। इसके बाद समिति ने खुली जगह में से 54 अतिरिक्त प्लॉट बनाए और अवैध रूप से बेचे गए। उन्होंने जांच कराते हुए समिति के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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