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पेड़ काटने के आरोपी वन आरक्षी पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Fri, 06 Jan 2017 10:09 PM IST
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पेड़ काटने के मामले में वन आरक्षी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच में नीम का पेड़ वन आरक्षी द्वारा काटे जाने की पुष्टि होने पर रेंजर ने कार्रवाई के लिए डीएफओ को रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि जांच अधिकारी पेड़ की बजाए उसका एक हिस्सा हाईटेंशन लाइन को बचाने के लिए काटने की बात कह रहे हैं।
रेलवे स्टेशन रोड पर कुछ लोग नीम का हरा पेड़ काटने के लिए पहुंचे थे। जिसका विरोध करने पर एक व्यक्ति ने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए पेड़ काट दिया था। बाद में लोगों ने आरोपी वन कर्मचारी के खिलाफ नीम का हरा पेड़ काटने पर कार्रवाई की मांग की थी। अमर उजाला ने इस मामले को शुक्रवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। एसडीओ एनबी शर्मा ने खबर का संज्ञान लेते हुए रेंजर डीपी बौड़ाई को जांच के आदेश किए थे। रेंजर ने शुक्रवार को ही मौके पर जाकर मामले की जांच की। जांच के दौरान पेड़ काटे जाने का मामला तो सही पाया गया, लेकिन पेड़ के एक ही हिस्से को काटा गया। रेंजर डीपी बौड़ाई ने बताया कि पेड़ का हिस्सा भी हाईटेंशन लाइन को बचाने के लिए काटा गया, लेकिन इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। जिस पर वन आरक्षी नंद किशोर पांडेय के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति करते हुए जांच रिपोर्ट डीएफओ एसके सिंह को भेज दी है।
रेलवे स्टेशन रोड पर कुछ लोग नीम का हरा पेड़ काटने के लिए पहुंचे थे। जिसका विरोध करने पर एक व्यक्ति ने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए पेड़ काट दिया था। बाद में लोगों ने आरोपी वन कर्मचारी के खिलाफ नीम का हरा पेड़ काटने पर कार्रवाई की मांग की थी। अमर उजाला ने इस मामले को शुक्रवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। एसडीओ एनबी शर्मा ने खबर का संज्ञान लेते हुए रेंजर डीपी बौड़ाई को जांच के आदेश किए थे। रेंजर ने शुक्रवार को ही मौके पर जाकर मामले की जांच की। जांच के दौरान पेड़ काटे जाने का मामला तो सही पाया गया, लेकिन पेड़ के एक ही हिस्से को काटा गया। रेंजर डीपी बौड़ाई ने बताया कि पेड़ का हिस्सा भी हाईटेंशन लाइन को बचाने के लिए काटा गया, लेकिन इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। जिस पर वन आरक्षी नंद किशोर पांडेय के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति करते हुए जांच रिपोर्ट डीएफओ एसके सिंह को भेज दी है।
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