{"_id":"5afc65f64f1c1b5b798b4733","slug":"91526490614-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मान्यता आठवीं तक, पढ़ाई करा रहे दसवीं तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मान्यता आठवीं तक, पढ़ाई करा रहे दसवीं तक
Updated Wed, 16 May 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
कक्षा आठ तक मान्यता प्राप्त स्कूलों में दसवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। हालांकि इन अतिरिक्त कक्षाओं के बच्चों का प्रवेश दसवीं तक मान्यता प्राप्त स्कूल में दिखया जाता हैं। मुनाफे का हिस्सा दोनों स्कूलों में बंटता है। वहीं विभागीय अधिकारी मामले को लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं।
जिले में कुछ ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास कक्षा आठ तक की ही मान्यता है। जबकि ये स्कूल अधिक दसवीं तक की कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इन कक्षाओं के छात्र पढ़ाई तो अपने ही स्कूल में करते है, लेकिन इनका प्रवेश किसी ऐसे स्कूल में दिखाया जाता है जिसकी मान्यता हाईस्कूल की हो। छात्रों की फीस का एक हिस्सा इन स्कूलों में भी जाता है। मजेदार बात यह है कि शिक्षा विभाग इससे अनभिज्ञाता जता रहा हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा का कहना है कि उनके संज्ञान में
ऐसा कोई मामला नहीं आया हैं। यदि कोई स्कूल ऐसा कर रहा है, तो शिकायत मिलने पर जांच कराकर स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी।
देहात में अधिक फल-फूल रहा धंधा
देहात क्षेत्र में यह धंधा इसलिए अधिक फल- फूल रहा है, क्योंकि देहात क्षेत्रों में कक्षा दस की मान्यता वाले स्कूलों की संख्या कम होना है। ऐसे में कक्षा आठ तक के मान्यता प्राप्त स्कूल, शहरी क्षेत्र के स्कूलों से सांठगांठ कर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
रुड़की।
कक्षा आठ तक मान्यता प्राप्त स्कूलों में दसवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। हालांकि इन अतिरिक्त कक्षाओं के बच्चों का प्रवेश दसवीं तक मान्यता प्राप्त स्कूल में दिखया जाता हैं। मुनाफे का हिस्सा दोनों स्कूलों में बंटता है। वहीं विभागीय अधिकारी मामले को लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं।
जिले में कुछ ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास कक्षा आठ तक की ही मान्यता है। जबकि ये स्कूल अधिक दसवीं तक की कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इन कक्षाओं के छात्र पढ़ाई तो अपने ही स्कूल में करते है, लेकिन इनका प्रवेश किसी ऐसे स्कूल में दिखाया जाता है जिसकी मान्यता हाईस्कूल की हो। छात्रों की फीस का एक हिस्सा इन स्कूलों में भी जाता है। मजेदार बात यह है कि शिक्षा विभाग इससे अनभिज्ञाता जता रहा हैं।
विज्ञापन
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा का कहना है कि उनके संज्ञान में
ऐसा कोई मामला नहीं आया हैं। यदि कोई स्कूल ऐसा कर रहा है, तो शिकायत मिलने पर जांच कराकर स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी।
देहात में अधिक फल-फूल रहा धंधा
देहात क्षेत्र में यह धंधा इसलिए अधिक फल- फूल रहा है, क्योंकि देहात क्षेत्रों में कक्षा दस की मान्यता वाले स्कूलों की संख्या कम होना है। ऐसे में कक्षा आठ तक के मान्यता प्राप्त स्कूल, शहरी क्षेत्र के स्कूलों से सांठगांठ कर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
विज्ञापन