{"_id":"5a3961954f1c1bee6a8b4d2f","slug":"91513709973-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजाना सता रही ठंड फिर भी नहीं उठा जा रहे कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजाना सता रही ठंड फिर भी नहीं उठा जा रहे कदम
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं लेकिन, सिविल अस्पताल में जरूरतमंदों और मरीजों के तीमारदारों के लिए बनाए गए रैन बसेरे में पीएसी के कब्जे को नहीं हटाया जा सका। अधिकारी जल्द इसे खाली कराने की बात कह रहे हैं लेकिन, एक-एक दिन जरूरतमंदों पर भारी पड़ रहा है।
शहर में नगर निगम और सिविल अस्पताल में रैन बसेरे की व्यवस्था है। इसके अलावा पूरे शहर में खुले आसमान में रहने वाले लोगों के लिए ठंड से सुरक्षा को कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं मिला है। लिहाजा जरूरतमंद लोग सड़कों के किनारे, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ठिठुरते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। नगर निगम की ओर से कुछ जगहों पर अलाव तो जलाए जा रहे हैं लेकिन, गरीबों की ठंड दूर करने के लिए यह इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर सिविल अस्पताल में बनाए गए रैन बसेरे को पीएसी खाली करने को तैयार ही नहीं है। करीब चार माह से यहां पीएसी के जवान रात बिता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिन में ही यह रैन बसेरा खाली हो जाएगा और पीएसी को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा लेकिन, खुले में रात बिताने वालों के लिए एक-एक दिन भारी बीत रहा है।
घने कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
लक्सर। क्षेत्र में छाए कोहरे से वाहनों की रफ्तार थम गई है। बच्चे कोहरे के बीच स्कूल गए। दोपहर में धूप निकलने पर लोगों को सर्दी से राहत मिली। उधर, ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
लक्सर क्षेत्र में मंगलवार सुबह कोहरा छाया रहा। आलम यह रहा कि बहुत कम दूरी का कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों ने हैडलाइट जलाकर आवागमन किया। राजमार्गों समेत अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। कोहरे के बीच स्कूली बच्चे स्कूल गए। तेज हवा चलने से लोग कांप उठे। कोहरा छंटने के बाद चटक धूप निकली तो ठंड से राहत मिली। दिन ढलने के बाद सर्दी का सितम फिर बढ़ गया। उधर ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे ने ब्रेक लगा रखा है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ ट्रेनों का संचालन रद्द होने की वजह से यात्री परेशान रहे।
विज्ञापन
शहर में नगर निगम और सिविल अस्पताल में रैन बसेरे की व्यवस्था है। इसके अलावा पूरे शहर में खुले आसमान में रहने वाले लोगों के लिए ठंड से सुरक्षा को कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं मिला है। लिहाजा जरूरतमंद लोग सड़कों के किनारे, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ठिठुरते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। नगर निगम की ओर से कुछ जगहों पर अलाव तो जलाए जा रहे हैं लेकिन, गरीबों की ठंड दूर करने के लिए यह इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर सिविल अस्पताल में बनाए गए रैन बसेरे को पीएसी खाली करने को तैयार ही नहीं है। करीब चार माह से यहां पीएसी के जवान रात बिता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिन में ही यह रैन बसेरा खाली हो जाएगा और पीएसी को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा लेकिन, खुले में रात बिताने वालों के लिए एक-एक दिन भारी बीत रहा है।
विज्ञापन
घने कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
लक्सर। क्षेत्र में छाए कोहरे से वाहनों की रफ्तार थम गई है। बच्चे कोहरे के बीच स्कूल गए। दोपहर में धूप निकलने पर लोगों को सर्दी से राहत मिली। उधर, ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
लक्सर क्षेत्र में मंगलवार सुबह कोहरा छाया रहा। आलम यह रहा कि बहुत कम दूरी का कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों ने हैडलाइट जलाकर आवागमन किया। राजमार्गों समेत अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। कोहरे के बीच स्कूली बच्चे स्कूल गए। तेज हवा चलने से लोग कांप उठे। कोहरा छंटने के बाद चटक धूप निकली तो ठंड से राहत मिली। दिन ढलने के बाद सर्दी का सितम फिर बढ़ गया। उधर ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे ने ब्रेक लगा रखा है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ ट्रेनों का संचालन रद्द होने की वजह से यात्री परेशान रहे।