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हाईवे पर शिवभक्तों का रैला, सुविधाएं नदारद
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:04 AM IST
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लक्सर। महाशिवरात्रि पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है हरिद्वार से गंगाजल लेकर जाने वाले काविड़यों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। कांवड़िए भगवान शिव के जयकारों के साथ कस्बे से गुजर रहे हैं। भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की ओर से कावड़ियों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
आगामी 13 और 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शिवरात्रि पर्व नजदीक होने की वजह से कांवड़ियों की भीड़ में भी हर रोज इजाफा हो रहा है। इस समय हरिद्वार से गंगाजल भरकर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, नोएडा और राजस्थान के शिवभक्त कांवड़िए तेजी से शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं लेकिन कावड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शिवभक्तों के ठहरने खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था हरिद्वार पुरकाजी हाईवे पर नजर नहीं आ रही है। इससे साफ है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हाईवे पर स्थित होटल में दुकानदार शिव भक्तों से मनमाना रेट वसूल रहे हैं। लक्सर कस्बे में कुछ लोगों ने भंडारे का आयोजन किया है। प्रेमानंद गिरि महाराज ने ग्रामीणों के सौजन्य से भंडारे का आयोजन किया है, तो वहीं गोवर्धनपुर में भी शिव भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया जा रहा है। उधर कोतवाल त्रिवेंद्र सिंह राणा का कहना है की कावड़ मार्ग पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। कावड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
मंदिरों में चल रही शिवरात्रि की जोर-शोर से तैयारी
लक्सर(ब्यूरो)। महाशिवरात्रि का भगवान शिव के हर भक्त को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस महापर्व को लेकर अभी से सभी मंदिरों में तैयारी अपने अंतिम चरण पर पहुंच चुकी है।
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चारों तरफ महाशिवरात्रि की तैयारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है लेकिन इन सब के बीच हर साल की तरह एक सवाल जो ज्यादातर लोगों की मन में है कि यह महा पर्व 13 फरवरी को है या 14 फरवरी को है। बता दें कि इन दोनों दिन में चतुर्शी का संयोग बन रहा है।ज्योतिषाचार्य पीयूष भटनागर व संदीप भारद्वाज शास्त्री का कहना है कि संक्रान्ति की तरह शिवरात्रि भी प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होती है जिसे मास शिवरात्रि कहा जाता है। जब यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होती है तब इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है।
शुभ मुहूर्त
पंचांग अनुसार वर्ष 2018 में फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि 13 फ़रवरी को रात्रि 10 बजकर 34 मिनट से प्रारंभ हो रही है जो दिनांक 14 फरवरी को रात्रि 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 13 फरवरी की आधी रात से शुरू होकर 14 फरवरी तक रहेगा। इस दिन भगवान शिव का पूजन सुबह 7.30 से लेकर दोपहर 3.20 तक किया जाएगा। रात्रि के समय भगवान शिव का पूजन एक से चार बार किया जाएगा। पारपंरिक रूप से पूजा करने के उपरांत अगली सुबह स्नान के बाद व्रत खत्म हो जाएगा।
महाशिवरात्रि 2018 पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन उपवास रखा जाता है। व्रत वाले दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद पास के किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करना चाहिए । भगवान के दर्शन करने की यह प्रक्रिया दोपहर तक चलती है उसके बाद मंदिर को बंद कर दिया जाता है और शाम को एक बार फिर दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस मौके पर मंदिरों में भगवान शिव की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है। यह अभिषेक दूध, गुलाब जल, चंदन, दही शहद, चीनी और गंगाजल जैसी विभिन्न सामग्रियों से किया जाता है। इसके अलावा शविलिंग पर बेलपत्र ,बेल का फल और धतूरा चढ़ाया जाता है। भक्त पूरे दिन का उपवास करते हैं और इसी दिन फल और जूस के अलावा अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।
पांच दिवसीय भंडारा शुरू
खानपुर। शिव कांवड़ सेवा समिति द्वारा प्रह्लादपुर गांव के शिव हनुमान मंदिर पर लगाए गए पांच दिवसीय भंडारे का मंदिर के पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने नारियल फोड़कर शुभारंभ किया । इस दौरान पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने कहा कि धार्मिक यात्राओं से समाज में भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने शिव कांवड़ सेवा समिति के सदस्यों व ग्रामीणों से अपील की वह रात-दिन कांवड़ियों की सेवा करें और पुण्य लाभ कमाएं।
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर खानपुर गांव के जटाशंकर महादेव मंदिर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है। इस वर्ष भी शिव कांवड़ सेवा समिति प्रहलादपुर के कार्यकर्ताओं ने प्रह्लादपुर गांव स्थित शिव हनुमान मंदिर पर पांच दिवसीय भंडारे का आयोजन किया है। शनिवार को शिव हनुमान मंदिर के पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने नारियल फोड़कर भंडारे का शुभारम्भ किया। इस दौरान पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने कहा कि धार्मिक यात्राओं से समाज में भाईचारा बढ़ता है। और हम सभी को समाज के सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। इस दौरान तेजपाल सिह,कुशलपाल, बृजेश शर्मा, तपन सिंह, महिपाल सिंह, अमित धीमान, महक सिंह, मधुपाल, साहब सिंह, संदीप वर्मा, सोनू शर्मा, नौबहार, आदित्य, संदीप कुमार, कनक सिह, प्रदीप शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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आगामी 13 और 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शिवरात्रि पर्व नजदीक होने की वजह से कांवड़ियों की भीड़ में भी हर रोज इजाफा हो रहा है। इस समय हरिद्वार से गंगाजल भरकर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, नोएडा और राजस्थान के शिवभक्त कांवड़िए तेजी से शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं लेकिन कावड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शिवभक्तों के ठहरने खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था हरिद्वार पुरकाजी हाईवे पर नजर नहीं आ रही है। इससे साफ है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हाईवे पर स्थित होटल में दुकानदार शिव भक्तों से मनमाना रेट वसूल रहे हैं। लक्सर कस्बे में कुछ लोगों ने भंडारे का आयोजन किया है। प्रेमानंद गिरि महाराज ने ग्रामीणों के सौजन्य से भंडारे का आयोजन किया है, तो वहीं गोवर्धनपुर में भी शिव भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया जा रहा है। उधर कोतवाल त्रिवेंद्र सिंह राणा का कहना है की कावड़ मार्ग पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। कावड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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मंदिरों में चल रही शिवरात्रि की जोर-शोर से तैयारी
लक्सर(ब्यूरो)। महाशिवरात्रि का भगवान शिव के हर भक्त को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस महापर्व को लेकर अभी से सभी मंदिरों में तैयारी अपने अंतिम चरण पर पहुंच चुकी है।
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चारों तरफ महाशिवरात्रि की तैयारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है लेकिन इन सब के बीच हर साल की तरह एक सवाल जो ज्यादातर लोगों की मन में है कि यह महा पर्व 13 फरवरी को है या 14 फरवरी को है। बता दें कि इन दोनों दिन में चतुर्शी का संयोग बन रहा है।ज्योतिषाचार्य पीयूष भटनागर व संदीप भारद्वाज शास्त्री का कहना है कि संक्रान्ति की तरह शिवरात्रि भी प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होती है जिसे मास शिवरात्रि कहा जाता है। जब यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होती है तब इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है।
शुभ मुहूर्त
पंचांग अनुसार वर्ष 2018 में फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि 13 फ़रवरी को रात्रि 10 बजकर 34 मिनट से प्रारंभ हो रही है जो दिनांक 14 फरवरी को रात्रि 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 13 फरवरी की आधी रात से शुरू होकर 14 फरवरी तक रहेगा। इस दिन भगवान शिव का पूजन सुबह 7.30 से लेकर दोपहर 3.20 तक किया जाएगा। रात्रि के समय भगवान शिव का पूजन एक से चार बार किया जाएगा। पारपंरिक रूप से पूजा करने के उपरांत अगली सुबह स्नान के बाद व्रत खत्म हो जाएगा।
महाशिवरात्रि 2018 पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन उपवास रखा जाता है। व्रत वाले दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद पास के किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करना चाहिए । भगवान के दर्शन करने की यह प्रक्रिया दोपहर तक चलती है उसके बाद मंदिर को बंद कर दिया जाता है और शाम को एक बार फिर दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस मौके पर मंदिरों में भगवान शिव की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है। यह अभिषेक दूध, गुलाब जल, चंदन, दही शहद, चीनी और गंगाजल जैसी विभिन्न सामग्रियों से किया जाता है। इसके अलावा शविलिंग पर बेलपत्र ,बेल का फल और धतूरा चढ़ाया जाता है। भक्त पूरे दिन का उपवास करते हैं और इसी दिन फल और जूस के अलावा अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।
पांच दिवसीय भंडारा शुरू
खानपुर। शिव कांवड़ सेवा समिति द्वारा प्रह्लादपुर गांव के शिव हनुमान मंदिर पर लगाए गए पांच दिवसीय भंडारे का मंदिर के पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने नारियल फोड़कर शुभारंभ किया । इस दौरान पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने कहा कि धार्मिक यात्राओं से समाज में भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने शिव कांवड़ सेवा समिति के सदस्यों व ग्रामीणों से अपील की वह रात-दिन कांवड़ियों की सेवा करें और पुण्य लाभ कमाएं।
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर खानपुर गांव के जटाशंकर महादेव मंदिर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है। इस वर्ष भी शिव कांवड़ सेवा समिति प्रहलादपुर के कार्यकर्ताओं ने प्रह्लादपुर गांव स्थित शिव हनुमान मंदिर पर पांच दिवसीय भंडारे का आयोजन किया है। शनिवार को शिव हनुमान मंदिर के पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने नारियल फोड़कर भंडारे का शुभारम्भ किया। इस दौरान पुजारी प्रेमानंद गिरि महाराज ने कहा कि धार्मिक यात्राओं से समाज में भाईचारा बढ़ता है। और हम सभी को समाज के सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। इस दौरान तेजपाल सिह,कुशलपाल, बृजेश शर्मा, तपन सिंह, महिपाल सिंह, अमित धीमान, महक सिंह, मधुपाल, साहब सिंह, संदीप वर्मा, सोनू शर्मा, नौबहार, आदित्य, संदीप कुमार, कनक सिह, प्रदीप शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।