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छूट मिलने तक बंद रहेंगे निजी अस्पताल और क्लिनिक : आईएमए
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
संशोधित क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम में छूट देने की मांग के समर्थन में निजी अस्पताल और क्लिनिक शनिवार को भी बंद रहे। इस दौरान डॉक्टरों ने कहा कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में निजी डॉक्टरों को छूट मिले। इसके बाद ही डॉक्टर अपनी क्लीनिक और नर्सिंग होम खोलेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। दूसरी ओर निजी अस्पताल और क्लिनिक बंद होने के कारण सरकारी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही।
शनिवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता कर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य डॉ. अशंक ऐरन ने कहा कि सरकार निजी अस्पतालों में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों को पूरा करने के लिए कह रही है। एक्ट के मानकों में संशोधन करने की मांग पर वे स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री से तीन बार वार्ता कर चुके हैं, मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मानकों में संशोधन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली और हरियाणा की तुलना उत्तराखंड से कर रही है जबकि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है। जब तक प्रदेश सरकार की ओर से एक्ट में रियायत देने का शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक डॉक्टर निजी अस्पतालों में तालाबंदी जारी रखेंगे। संजीव गर्ग ने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है निजी नर्सिंग होम स्वामी केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनका केवल यही कहना है कि केंद्र सरकार को इस योजना में कुछ नियमों ढील देनी होगी। रविवार को काशीपुर में आईएमए की बैठक की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस अवसर पर गगन गर्ग, रेणु जैन, महेंद्र जैन, संजय आदि उपस्थित थे।
शहीदों के परिजनों की आर्थिक सहायता करेगी आईएमए
रुड़की। आईएमए रुड़की की ओर से पुलवामा में फिदायीन हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को आर्थिक दी जाएगी। आईएमए के सदस्य डॉ. अशंक ऐरन ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से आर्थिक सहायता का चेक जिलाधिकारी के माध्यम से पीएम को भेजा जाएगा।
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संशोधित क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम में छूट देने की मांग के समर्थन में निजी अस्पताल और क्लिनिक शनिवार को भी बंद रहे। इस दौरान डॉक्टरों ने कहा कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में निजी डॉक्टरों को छूट मिले। इसके बाद ही डॉक्टर अपनी क्लीनिक और नर्सिंग होम खोलेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। दूसरी ओर निजी अस्पताल और क्लिनिक बंद होने के कारण सरकारी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही।
शनिवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता कर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य डॉ. अशंक ऐरन ने कहा कि सरकार निजी अस्पतालों में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों को पूरा करने के लिए कह रही है। एक्ट के मानकों में संशोधन करने की मांग पर वे स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री से तीन बार वार्ता कर चुके हैं, मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मानकों में संशोधन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली और हरियाणा की तुलना उत्तराखंड से कर रही है जबकि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है। जब तक प्रदेश सरकार की ओर से एक्ट में रियायत देने का शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक डॉक्टर निजी अस्पतालों में तालाबंदी जारी रखेंगे। संजीव गर्ग ने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है निजी नर्सिंग होम स्वामी केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनका केवल यही कहना है कि केंद्र सरकार को इस योजना में कुछ नियमों ढील देनी होगी। रविवार को काशीपुर में आईएमए की बैठक की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस अवसर पर गगन गर्ग, रेणु जैन, महेंद्र जैन, संजय आदि उपस्थित थे।
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शहीदों के परिजनों की आर्थिक सहायता करेगी आईएमए
रुड़की। आईएमए रुड़की की ओर से पुलवामा में फिदायीन हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को आर्थिक दी जाएगी। आईएमए के सदस्य डॉ. अशंक ऐरन ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से आर्थिक सहायता का चेक जिलाधिकारी के माध्यम से पीएम को भेजा जाएगा।
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