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जांच करने आई टीम के सामने ग्रामीणों का हंगामा
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:59 PM IST
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पिरान कलियर। सोहलपुर सिकरोढ़ा गांव में ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करने पहुंचे जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी की मौजूदगी में ही ग्रामीण हंगामा करने लगे। दोनों पक्षों के बीच झड़पे होते देख अधिकारी जांच किए बिना ही लौट गए।
सोहलपुर सिकरोढ़ा निवासी नीतीश कुमार उर्फ काकू, रोहित चौधरी और जावेद ने ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गांव में बनवाई गई सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप और नालियों के चैनल तथा शौचालय आदि के निर्माण में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, पंचायत के एडीओ राज मिश्र आदि के साथ जांच के लिए सोहलपुर सिकरोढ़ा पंचायत घर पर पहुंचे। जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया तथा शिकायत कर्ताओं से बिंदुवार विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों की जानकारी मांगी। शिकायत कर्ताओं ने अनियमितताओं के बिंदु बताने शुरू किए तो कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भी हंगामा करने लगे दोनों पक्षों की ओर से भारी शोरगुल होने पर अफरा तफरी मच गई। इस दौरान झगड़े की आशंका को देखते हुए जांच टीम के सदस्यों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था। हंगामा बढ़ते देख अधिकारी जांच अधर में ही छोड़ कर लौट गए।
डीपीआरओ रमेश चंद्र ने बताया है कि शिकायत कर्ताओं की शिकायत पर सोहलपुर में जांच करने के लिए पहुंचे थे। जहां शिकायतकर्ताओं ने कुछ बिंदु बताए है। कुछ शौचालयों और लाइटों के बिलों से संबंधित है। हंगामा होने और झगड़े की आशंका को देखते हुए जांच स्थगित कर दी गई है। आगामी तिथि तय होने पर दोबारा जांच की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान प्रीतम सिंह का कहना है कि गांव में शिकायत कर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार है। गांव में कराए गए विकास कार्यों में कोई अनियमितता नही है । सभी कार्य मानकों के आधार पर कराए गए हैं। वह किसी भी तरह की जांच को तैयार है।
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सोहलपुर सिकरोढ़ा निवासी नीतीश कुमार उर्फ काकू, रोहित चौधरी और जावेद ने ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गांव में बनवाई गई सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप और नालियों के चैनल तथा शौचालय आदि के निर्माण में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, पंचायत के एडीओ राज मिश्र आदि के साथ जांच के लिए सोहलपुर सिकरोढ़ा पंचायत घर पर पहुंचे। जहाँ उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया तथा शिकायत कर्ताओं से बिंदुवार विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों की जानकारी मांगी। शिकायत कर्ताओं ने अनियमितताओं के बिंदु बताने शुरू किए तो कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भी हंगामा करने लगे दोनों पक्षों की ओर से भारी शोरगुल होने पर अफरा तफरी मच गई। इस दौरान झगड़े की आशंका को देखते हुए जांच टीम के सदस्यों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था। हंगामा बढ़ते देख अधिकारी जांच अधर में ही छोड़ कर लौट गए।
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डीपीआरओ रमेश चंद्र ने बताया है कि शिकायत कर्ताओं की शिकायत पर सोहलपुर में जांच करने के लिए पहुंचे थे। जहां शिकायतकर्ताओं ने कुछ बिंदु बताए है। कुछ शौचालयों और लाइटों के बिलों से संबंधित है। हंगामा होने और झगड़े की आशंका को देखते हुए जांच स्थगित कर दी गई है। आगामी तिथि तय होने पर दोबारा जांच की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान प्रीतम सिंह का कहना है कि गांव में शिकायत कर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार है। गांव में कराए गए विकास कार्यों में कोई अनियमितता नही है । सभी कार्य मानकों के आधार पर कराए गए हैं। वह किसी भी तरह की जांच को तैयार है।
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