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दिनभर बसों का संचालन रहा ठप, यात्री परेशान

Tue, 03 Apr 2018 12:27 AM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:27 AM IST
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दिनभर बसों का संचालन रहा ठप, यात्री परेशान
रुड़की। दलित समाज के लोगों के उग्र प्रदर्शन से रोडवेज बसों का संचालन लगभग ठप रहा। दिल्ली, देहरादून मार्ग पर भेजी गई बसें रास्ते में फंसी रही। जिसकी वजह से यात्रियों को दिल्ली और देहरादून जाने के लिए बस अड्डे पर घंटों बैठना पड़ा। सुबह 11 बजे से शहर में दलित समाज के लोगों की ओर से रेलियां निकालने का सिलसिला शुरू किया। इस दौरान समाज के युवाओं ने जगह-जगह बसें रोककर विरोध जताया। दिल्ली जाने वाली कुछ बसों को प्रदर्शनकारियों ने मंगलौर और नारसन में घंटों रोककर रखा। कई चालकों ने अपनी बसें थानों में खड़ी की। दिल्ली जाने के लिए यात्रियों से भरी वाल्वो बस रास्ता खुलने के इंतजार में शाम तक खड़ी रही। देहरादून जाने वाले यात्री रोडवेज बस अड्डे पर बैठे रहे। दिल्ली से आए चकराता रोड (देहरादून) निवासी जितेंद्र ने कहा कि वह अपनी मां के साथ दिल्ली से सुबह आठ बजे यहां पहुंचा था। करीब दो घंटे के लिए रुड़की में एक रिश्तेदार को मिलने चले गए। जब बस अड्डे पर आए तो देहरादून मार्ग पर बसों का संचालन ठप था।
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दिनभर उड़ती रहीं अफवाहें
मेरठ में रोडवेज देहरादून ग्रामीण डिपो की बस में आग लगाने के बाद, रुड़की डिपो की बस में नारसन बार्डर में तोड़फोड़ करने, छुटमलपुर में बस में आग लगाने के प्रयास की अफवाहें उड़ती रहीं। रोडवेज के अधिकारियों के इन खबरों को अफवाह बताया।
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निजी बसें और मेटाडोर बंद
अन्य दिनों की तरह रुड़की देवबंद, मंगलौर, रुड़की मुजफ्फरनगर, रुड़की लक्सर के मध्य संचालित होने वाली निजी बसों का संचालन भी बंद रहा। रुड़की से धनौरी-कलियर और मंगलौर के मध्य चलने वाले मेटाडोर का संचालन बंद रहा। बसों और मेटाडोर के संचालन बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एससी/एसटी एक्ट में बदलाव मंजूर नहीं
रुड़की। एससी/एसटी एक्ट में अत्याचार अधिनियम 1989 में दिए गए निर्णय के विरोध में कई संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। कई संगठनों ने हरिद्वार में जिलाधिकारी के माध्यम से भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। संगठनों का आरोप था कि केंद्र सरकार ने एससी/एसटी एक्ट 1989 को कमजोर कर दिया है। मांग है कि अधिनियम को पूर्ववत रखा जाए।
शनिवार को विभिन्न मार्गों से आए दलित समाज के लोग दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर पहुंचे और फिर एक-एक कर समाज से जुड़े सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं लोग तहसील गेट पर जमा हो गए। यहां इन्होंने नारेबाजी की। साथ ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपने के लिए तहसील में घुसने का प्रयास किया। स्थिति को भांपते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल तहसील गेट पर पहुंची और एक-एक कर सभी संगठनों के लोगों से वार्ता कर ज्ञापन लिया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में एससी/एसटी कानून में बदलाव सहित दलित समाज हितों से जुड़ी कई मांगें की गई थी। इस दौरान सोमपाल, रणवीर गौतम, सत्यमकुमार, चंद्रपाल, संदीप कुमार, भारतीय वाल्मीकि धर्मसमाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुदेश चंचल, मांगेराम सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
...जब तहसील में घुस आए दलित समाज के कार्यकर्ता
रुड़की। उस समय तहसील में तोड़फोड़ के आसार बन गए। जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने के बाद अपने ऑफिस पहुंची। समाज के कार्यकर्ता हाथों में डंडे लिए कोतवाली परिसर में पहुंचने लगे। स्थिति भांपते हुए एसपी देहात समेत तमाम पुलिसकर्मियों ने भी मोर्चा संभाल लिया। इस दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने उनसे तहसील में किसी प्रकार की नारेबाजी और उपद्रव करने से मना किया तो अधिवक्ताओं और बवाल कर रहे लोगों में तनातनी हो गई। हालांकि कुछ लोगों ने बीचबचाव कर स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद कार्यकर्ता हाईवे पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
ये थी प्रमुख मांगे
1-अनुसूचित जाति/जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में दोबारा विधेयक लाकर इस अधिनियम को प्रभावी बनाया जाए।
2-डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और संविधान का अपमान या विरोध करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
3-देश में सभी वर्गों की वर्ष 2021 में जातिगत जनगणना कराकर सार्वजनिक किया जाए। जनसंख्या के अनुपात में सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व (आरक्षण) लागू किया जाए।

4-देश में समान शिक्षा प्रणाली लागूकर शिक्षा का बाजारीकरण बंद किया जाए।
5-देश में सभी वर्गों के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। पूरे देश में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए।
6- संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, इसे किसी विशेष धार्मिक राष्ट्र का दर्जा न दिया जाए।
इन संगठनों ने सौंपे ज्ञापन
रविदास सेना, संविधान बचाओ देश बचाओ समिति उत्तराखंड, अंबेडकर युवा शक्ति दल एवं समस्त सामाजिक संगठन, भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, बामसेफ संगठन, राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच जनपद हरिद्वार इकाई।
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