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2000 शिक्षकों का वेतन अटका
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Wed, 15 Jun 2016 12:06 AM IST
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रुड़की। ऑनलाइन वेतन के चक्कर में जिले के दो हजार शिक्षकों का वेतन अटका हुआ है। अशासकीय वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल और कालेजों में अभी तक स्टाफ को मई का पैसा नहीं मिल पाया। वेतन न मिलने से शिक्षक और कर्मियों के जरूरी काम तक रुक गए हैं।
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शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को लंबे समय से ऑनलाइन वेतन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूल कालेेज में अब भी मैन्युअल वेतन दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लेखा विभाग और कोषागार में काफी समय लगता है। जिसके चलते निर्धारित प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन नहीं मिल पा रहा है। शिक्षक और कर्मचारी संगठनों की ओर से ऑनलाइन वेतन जारी करने की मांग की जा रही थी। पिछले माह विभाग ने ऑनलाइन वेतन के लिए डाटा फीडिंग का काम शुरू किया। स्कूल कालेज स्तर पर डाटा फिडिंग पिछले माह कर लिया था।
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लेकिन अभी तक सीईओ कार्यालय पर फीडिंग नहीं हो पाई है। जिसके चलते 39 अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों, 35 हाईस्कूल और इंटर कालेजों, 14 डिग्री कालेजों और 17 संस्कृत महाविद्यालयों के करीब दो हजार शिक्षकों और कर्मियों को मई का वेतन नहीं मिला। शिक्षक नेता हरेंद्र सैनी, सुखबीर सिंह चौहान आदि का कहना है कि बाबू किसी की नहीं सुनते। अधिकारियों का भी इन पर अंकुश नहीं है।
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बाबुओं पर लेटलतीफी का आरोप
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डा. अनिल कुमार शर्मा, महामंत्री राजेश सैनी, रामकुमार चौहान, सतेंद्र सिंह, एसएमजेएन पीजी कालेज हरिद्वार के डा. एसके बत्रा, बीएसएम इंटर कालेज रुड़की के अरुण कुमार सिंह, चिन्मय डिग्री कालेज भेल हरिद्वार के प्राचार्य डा. आलोक कुमार, केएलडीवी पीजी कालेज रुड़की की प्राचार्या डा. यशोदा मित्तल और महिला डिग्री कालेज सतीकुंड हरिद्वार की प्राचार्या डा. गीता जोशी का कहना है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाबू ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए काम में तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। जिसके चलते डाटा फिड नहीं हो सका।
जरूरी काम रुके
शिक्षक नेता राजेश कुमार के मुताबिक शिक्षक उन्हें फोन करके पीड़ा सुना रहे हैं। कई शिक्षकों ने होम लोन और इंश्योरेंस की किश्त जमा नहीं होने की बात बताई। जबकि कई ने बिजली, फोन व दूध आदि के बिल नहीं भरे जाने पर रोष जताया है।
इनका कहना है
वेतन के लिए शिक्षक-कर्मचारियों के डाटा फीडिंग का काम बहुत पेचीदा है। कहीं कोई गलती की गुंजाइश न रह जाए इसलिए सावधानी बरती जा रही है। जल्द काम पूरा होने वाला है। काम पूरा होते ही ऑनलाइन वेतन जारी कर दिया जाएगा।
-अजय कुमार नौडियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी।