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विवि और उच्च शिक्षण संस्थानों के डाटाबेस को केंद्र का सर्वे
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:28 AM IST
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रुड़की। देश में उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों का डाटाबेस और सही तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) लॉंच किया गया है। 2017-18 के लिए 05 जनवरी, 2018 को वेबसाइट डाटा अपलोड करने के लिए खोल दी गई है। प्रदेश के सभी विवि और उच्च शिक्षण संस्थानों को एआईएसएचई पोर्टल पर 04 मार्च, 2018 तक सभी सूचनाएं अपलोड करने के बाबत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इससे जहां एक ओर शिक्षण संस्थानों के फर्जीवाड़ा समाप्त होगा। वहीं, केंद्र सरकार उच्च शिक्षा की प्रगति के लिए नीतियों का निर्धारण कर सकेगी।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से देश में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से संबंधित सूचनाओं को एकीकृत कर एक प्लेटफार्म पर जारी करने के उद्देश्य से 2010-11 में ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजुकेशन शुरू किया गया था। 2017-18 के लिए एमएचआरडी की वेबसाइट सर्वे के लिए 05 मार्च, 2018 को पोर्टल खोल दिया गया। साथ ही विभिन्न प्रदेशों के विवि और उनसे संबद्ध शिक्षण संस्थानों को आगामी 04 मार्च तक सभी सूचनाएं अपलोड करने के निर्देशित किया है। इस बाबत एनसीटीई दिल्ली के अंडर सेक्रेटरी डॉ. एसके चौहान की ओर से 09 फरवरी को जारी किए गए आदेश में बताया गया है कि सभी संस्थानों को निर्धारित अंतिम तिथि तक एआईएसएचई की वेबसाइट पर सूचनाएं अपलोड करनी है, जिसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों को भूमि, भवन, लैब, लाइब्रेरी, खेलकूद के मैदान, शिक्षकों की नियुक्ति, उन्हें दिया जाने वाला वेतन, छात्र एवं छात्राओं की संख्या, एससी/एसटी छात्रों की संख्या, विकलांग छात्रों की संख्या, अलग-अलग विषयों में अध्ययनरत छात्रों की संख्या समेत तमाम सूचनाएं वेबसाइट पर जारी करनी होंगी। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से देश के सभी संस्थानों की एकीकृत जानकारी पोर्टल पर जारी की जाएंगी। इन जानकारियों को हासिल करने के बाद जहां लोगों को एकीकृत रूप से सभी संस्थानों की जानकारी मिल सकेेगी। वहीं शिक्षण संस्थानों के फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी। साथ ही साथ केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में सुधार को नीतियों को आसानी से लागू कर सकेगी।
सर्वे का रुझान, 2022 तक 30 प्रतिशत हो जाएंगे युवा छात्र
रुड़की। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से 2010-11 में शुरू किए गए सर्वे में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल 18 से 23 आयुवर्ग के छात्रों की संख्या बढ़ रही है। इस आयुवर्ग की संख्या देश की जनसंख्या के लिहाज 2010-11 में 19.4 प्रतिशत थी। जो 2016-17 में बढ़कर 25.2 प्रतिशत हो गई। सर्वे में 2022 तक इस आयुवर्ग के छात्रों की संख्या बढ़कर 30 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। सर्वे में बताया गया है कि 2010-11 में 32974 कॉलेजों के आंकड़े दर्ज कराए गए हैं, जिनकी 2016-17 में संख्या बढ़कर 40 हजार 26 हो गई है।
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से देश में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से संबंधित सूचनाओं को एकीकृत कर एक प्लेटफार्म पर जारी करने के उद्देश्य से 2010-11 में ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजुकेशन शुरू किया गया था। 2017-18 के लिए एमएचआरडी की वेबसाइट सर्वे के लिए 05 मार्च, 2018 को पोर्टल खोल दिया गया। साथ ही विभिन्न प्रदेशों के विवि और उनसे संबद्ध शिक्षण संस्थानों को आगामी 04 मार्च तक सभी सूचनाएं अपलोड करने के निर्देशित किया है। इस बाबत एनसीटीई दिल्ली के अंडर सेक्रेटरी डॉ. एसके चौहान की ओर से 09 फरवरी को जारी किए गए आदेश में बताया गया है कि सभी संस्थानों को निर्धारित अंतिम तिथि तक एआईएसएचई की वेबसाइट पर सूचनाएं अपलोड करनी है, जिसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों को भूमि, भवन, लैब, लाइब्रेरी, खेलकूद के मैदान, शिक्षकों की नियुक्ति, उन्हें दिया जाने वाला वेतन, छात्र एवं छात्राओं की संख्या, एससी/एसटी छात्रों की संख्या, विकलांग छात्रों की संख्या, अलग-अलग विषयों में अध्ययनरत छात्रों की संख्या समेत तमाम सूचनाएं वेबसाइट पर जारी करनी होंगी। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से देश के सभी संस्थानों की एकीकृत जानकारी पोर्टल पर जारी की जाएंगी। इन जानकारियों को हासिल करने के बाद जहां लोगों को एकीकृत रूप से सभी संस्थानों की जानकारी मिल सकेेगी। वहीं शिक्षण संस्थानों के फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी। साथ ही साथ केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में सुधार को नीतियों को आसानी से लागू कर सकेगी।
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सर्वे का रुझान, 2022 तक 30 प्रतिशत हो जाएंगे युवा छात्र
रुड़की। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से 2010-11 में शुरू किए गए सर्वे में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल 18 से 23 आयुवर्ग के छात्रों की संख्या बढ़ रही है। इस आयुवर्ग की संख्या देश की जनसंख्या के लिहाज 2010-11 में 19.4 प्रतिशत थी। जो 2016-17 में बढ़कर 25.2 प्रतिशत हो गई। सर्वे में 2022 तक इस आयुवर्ग के छात्रों की संख्या बढ़कर 30 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। सर्वे में बताया गया है कि 2010-11 में 32974 कॉलेजों के आंकड़े दर्ज कराए गए हैं, जिनकी 2016-17 में संख्या बढ़कर 40 हजार 26 हो गई है।
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