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गेहूं, ज्वार, बाजरा और ढैंचा की बुवाई की तैयारी शुरू
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर।
गेहूं की बुवाई के लिए किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। इन दिनों किसान ज्वार, बाजरा के खेतों की गहरी जुताई कर पलेवा करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं जिन खेतों में हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई की गई थी उनका भी पलेवा करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही किसान खाद और बीज की भी व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
आमतौर पर 15 नवंबर से गेहूं की अगैती बुवाई शुरू होती है। इसके लिए किसान खाद, बीज एवं खेतों की तैयारी में लगे हैं। खाद की कमी और नकली बीज की वजह से किसान अच्छे किस्म का बीज तलाश कर रहे हैं। इसके लिए किसान सरकारी बीज गोदाम या फिर सहकारी समितियों से बीज खरीद रहे हैं। किसान आजकल खेतों का पलेवा करने की जुगत जुटाने में भी लगे हैं। उनकी मंशा है कि पलेवा से खेतों की नमी 15 नवंबर से पहले सामान्य हो जाए ताकि गेहूं बोया जा सके। मुख्य कृषि अधिकारी वीके यादव ने बताया कि अगैती गेहूं की बुवाई 15 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए गेहूं की उत्तम वैरायटी डीबी डब्ल्यू 550, एडीबीडब्ल्यू 17, एडब्ल्यूआर 644, एचडी 2967, एचडी 3086, एचडब्ल्यू 1105 की बुवाई की जा सकती है। साथ ही पिछैती गेहूं की बुवाई के लिए 644 आदि वैरायटियां बोई जा सकती हैं। जनपद में गेहूं के बीज की कोई कमी नहीं है। किसान सरकारी बीज गोदामों व सहकारी समितियों से बीज खरीद सकते हैं। ब्लाक तकनीकि प्रबंधक गोरख सिंह ने बताया कि सभी वैरायटी के बीज विभाग के पास उपलब्ध है तथा किसानों ने बीज खरीदना शुरू भी कर दिया है।
लक्सर।
गेहूं की बुवाई के लिए किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। इन दिनों किसान ज्वार, बाजरा के खेतों की गहरी जुताई कर पलेवा करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं जिन खेतों में हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई की गई थी उनका भी पलेवा करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही किसान खाद और बीज की भी व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
आमतौर पर 15 नवंबर से गेहूं की अगैती बुवाई शुरू होती है। इसके लिए किसान खाद, बीज एवं खेतों की तैयारी में लगे हैं। खाद की कमी और नकली बीज की वजह से किसान अच्छे किस्म का बीज तलाश कर रहे हैं। इसके लिए किसान सरकारी बीज गोदाम या फिर सहकारी समितियों से बीज खरीद रहे हैं। किसान आजकल खेतों का पलेवा करने की जुगत जुटाने में भी लगे हैं। उनकी मंशा है कि पलेवा से खेतों की नमी 15 नवंबर से पहले सामान्य हो जाए ताकि गेहूं बोया जा सके। मुख्य कृषि अधिकारी वीके यादव ने बताया कि अगैती गेहूं की बुवाई 15 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए गेहूं की उत्तम वैरायटी डीबी डब्ल्यू 550, एडीबीडब्ल्यू 17, एडब्ल्यूआर 644, एचडी 2967, एचडी 3086, एचडब्ल्यू 1105 की बुवाई की जा सकती है। साथ ही पिछैती गेहूं की बुवाई के लिए 644 आदि वैरायटियां बोई जा सकती हैं। जनपद में गेहूं के बीज की कोई कमी नहीं है। किसान सरकारी बीज गोदामों व सहकारी समितियों से बीज खरीद सकते हैं। ब्लाक तकनीकि प्रबंधक गोरख सिंह ने बताया कि सभी वैरायटी के बीज विभाग के पास उपलब्ध है तथा किसानों ने बीज खरीदना शुरू भी कर दिया है।
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