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उत्तराखंड में सड़क बनने का रास्ता हुआ साफ, बनेंगी दो सौ सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 11 Apr 2016 09:06 AM IST
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प्रदेश की दो सौ सड़कों के लिए वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। प्रदेश सरकार की अधिकार अवधि बढ़ने के चार-पांच महीने के बाद इन सड़कों के बनने का रास्ता साफ हुआ है।
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अधिकार अवधि की सीमा 7 नवंबर तक है। सात-आठ महीने में वन भूमि हस्तांतरण के लिए करीब आठ सौ सड़कों के प्रस्ताव और तैयार करने हैं। इसके अलावा स्पेशल प्लान असिस्टेंट (एसपीए) के लिए लोक निर्माण विभाग और प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
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प्रदेश शासन ने केंद्र सरकार को एक हजार सड़कों की सूची भेजी थी।
अधिकांश सड़कें आपदा प्रभावित जिलों की
इन्हीं सड़कों के आधार पर केंद्र से पांच हेक्टेयर तक वन भूमि हस्तांतरण के लिए अधिकार अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। इनमें प्रदेश भर की सड़कें शामिल हैं। अधिकांश सड़कें आपदा प्रभावित जिलों की हैं।
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अगर सात महीने के अंदर बाकी सड़कों के प्रस्ताव तैयार नहीं हुए तो अधिकार अवधि समाप्त हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता एचके उप्रेती ने बताया कि बाकी सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने चार महीने के लिए विभाग को 273 करोड़, 35 लाख, 36 हजार रुपये दिए हैं। इनसे अधूरी पड़ी सड़कों का कार्य कराया जाएगा तथा बाकी भुगतान भी अदा किया जाएगा। प्रमुख अभियंता उप्रेती ने बताया कि इसके साथ ही एसपीए के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इसी हफ्ते इन्हें शासन को भेज दिया जाएगा।