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हस्तशिल्प उत्पादों से युवा बनेंगे आत्मनिर्भर: नलिन राय
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एमआईटी ढालवाला में आजादी अमृत महोत्सव के अंतर्गत वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की ओर से तीन दिवसीय हस्तशिल्प कला जागरूकता कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक नलिन राय, एमआइटी निदेशक रवि जुयाल, डॉ. ज्योति जुयाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक नलिन राय ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए स्वदेशी और हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाना चाहिए ताकि राष्ट्र निर्माण के साथ हम सभी स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि भारतीय ग्रामोद्योग संस्थान ढालवाला के सहयोग से हस्तशिल्प कला जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों को हस्तशिल्प के बारे में जानकारी दी गई।
भारतीय ग्रामोद्योग संस्थान के सचिव अनिल चंदोला ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर हस्तशिल्प कला की सांस्कृतिक विरासत एवं संरक्षण के लिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्वरोजगार से जोड़ना है।
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एमआईटी के निदेशक रवि जुयाल ने कहा कि हमें अधिक से अधिक हस्तशिल्प उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल से प्रेरित है। बीना पुंडीर ने भी छात्रों को हस्तशिल्प के प्रति जागरूक किया। आयुषी गुप्ता फैशन डिजाइनर ने भी क्राफ़्ट को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों को जागरूक किया।
इस अवसर पर एनके कुकशाल, प्रेम प्रकाश पुरोहित, राजेश चौधरी, गीता चंदोला, डॉ. रीतेश जोशी, रवि कुमार, शिल्पी कुकरेजा, आकांक्षा डोबरियाल, आयुषी गुप्ता, प्रेमलाल, शैलेश, केपी लखेड़ा आदि उपस्थित थे।
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कार्यक्रम में वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक नलिन राय ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए स्वदेशी और हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाना चाहिए ताकि राष्ट्र निर्माण के साथ हम सभी स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि भारतीय ग्रामोद्योग संस्थान ढालवाला के सहयोग से हस्तशिल्प कला जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों को हस्तशिल्प के बारे में जानकारी दी गई।
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भारतीय ग्रामोद्योग संस्थान के सचिव अनिल चंदोला ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर हस्तशिल्प कला की सांस्कृतिक विरासत एवं संरक्षण के लिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्वरोजगार से जोड़ना है।
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एमआईटी के निदेशक रवि जुयाल ने कहा कि हमें अधिक से अधिक हस्तशिल्प उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल से प्रेरित है। बीना पुंडीर ने भी छात्रों को हस्तशिल्प के प्रति जागरूक किया। आयुषी गुप्ता फैशन डिजाइनर ने भी क्राफ़्ट को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों को जागरूक किया।
इस अवसर पर एनके कुकशाल, प्रेम प्रकाश पुरोहित, राजेश चौधरी, गीता चंदोला, डॉ. रीतेश जोशी, रवि कुमार, शिल्पी कुकरेजा, आकांक्षा डोबरियाल, आयुषी गुप्ता, प्रेमलाल, शैलेश, केपी लखेड़ा आदि उपस्थित थे।