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बीटल्स ग्रुप कहां ठहरा, कोई नहीं जानता

Sun, 06 Dec 2015 01:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश Updated Sun, 06 Dec 2015 01:38 AM IST
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where live beatl group, any body don't know

विश्व में भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी की तीर्थनगरी स्थित साधना स्थली शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया आठ दिसंबर यानि मंगलवार से देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए खुलने जा रही है। वन मंत्री का कहना है कि जिस बीटल्स ग्रुप के आगमन से शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया दुनिया में मशहूर हुई, उस कुटिया को खासतौर पर आकर्षित बनाया जाएगा।

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अफसोस कि जिस एजेंसी को यह कार्य करना है उसे भी इंग्लैंड के बीटल्स ग्रुप के सदस्यों के चौरासी कुटिया में ठहरने वाले स्थान की पुष्ट जानकारी नहीं है। ऐसे में भला किस कुटिया को संवारा जा सकेगा। स्थानीय लोगों की मानें तो विश्व प्रसिद्ध बैंड बीटल्स ग्रुप के सदस्यों के यहां आने के बाद से ही क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ा।
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इसके बाद से ही महर्षि महेश योगी की साधना स्थली चौरासी कुटिया विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई। यहां आने वाले लगभग शत-प्रतिशत सैलानी इसकी ओर बरबस आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाते। हर कोई कुटिया को देखने के लिए उत्सुक रहता है।
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मगर यहां बीटल्स ग्रुप चौरासी कुटिया में तीन महीने कहां ठहरा, इसकी ठीक से जानकारी वन विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारियों के पास भी नहीं है। जानकारी लेने पर विभागीय कर्मी कुटिया नंबर नौ को बीटल्स की कुटिया बताते हैं।

छोटी सी कुटिया होने के कारण कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता है कि ग्रुप ने इसमें तीन महीने रहकर व्हाइट एलबम के 47 गाने तैयार किए हैं। वन आरक्षी मनोज चौहान, अलीहसन, नवीन ध्यानी ने बीटल्स के ठहरने वाली कुटिया की सही जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना है कि यह 1970 के दशक की बात है।

45 वर्ष बाद भला किसे याद रहेगी। मगर जब यहां आने वाले विदेशी पर्यटक यह जिज्ञासा व्यक्त करते हैं तो कर्मचारी उनकी तसल्ली के लिए कुटिया नंबर- नौ को बीटल्स ग्रुप की कुटिया बता देते हैं। गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने भी अनभिज्ञता जताई। और कुटिया नंबर- नौ को ही बीटल्स ग्रुप के ठहरने का स्थान बताया।


क्या कहते हैं वन मंत्री
हम चौरासी कुटिया में बीटल्स ग्रुप के ठहरने वाले स्थान कुटिया को यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए और आकर्षित बनाना चाहते हैं। इस बारे में मुझे तो ठीक से जानकारी नहीं है, मगर इस बाबत वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।- दिनेश अग्रवाल, वनमंत्री



ये थे वीटल्स ग्रुप के सदस्य
इंग्लैंड के प्रसिद्ध बीटल्स ग्रुप के चार सदस्य जॉर्ज हैरिसन, पॉल मर्काटनी, रिंगो स्टार और जॉन लेनन सन 1968 में चौरासी कुटिया आए थे। यहां उन्होंने व्हाइट एलबम के 47 गाने तैयार किए थे। जिन्हें विदेशी आज भी सुनते हैं। महर्षि की तपस्थली के साथ ही बीटल्स की कुटिया को देखने के लिए विदेशी पर्यटक चौरासी कुटिया घूमने पहुंचते हैं।

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