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Rishikesh News: झैड़ गांव में सड़क मार्ग के लिए ग्रामीण करेंगे आंदोलन, तैयारियां शुरु
Thu, 05 Nov 2026 08:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 05 Nov 2026 08:25 PM IST
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- लोनिवि लैंसडौन की लापरवाही से अटकी 3.50 किमी की सड़क, 16 साल से कर रहे इंतजार
- कूला गांव से दो किलोमीटर का पैदल दुर्गम सफर तय कर घर पहुंचने को मजबूर हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। यमकेश्वर विकासखंड का झैड़ गांव लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) लैंसडौन की लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी के चलते आज तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। 3.50 किलोमीटर रोड कटिंग के लिए स्वीकृत हुए 72 लाख रुपये जिला प्रशासन की ओर से वापस मांगे जाने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। अब ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव तक लगातार धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
साल 2024 में कूला गांव के पास से ढांगूगढ़ (सिंगटाली झूला पुल) तक करीब 3.50 किमी मोटर मार्ग के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिली थी। इसके लिए करीब 72 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था और केवल टेंडर प्रक्रिया होनी बाकी थी। इसी बीच अचानक जिला प्रशासन ने लोनिवि लैंसडौन से यह धनराशि वापस मांग ली। बजट वापस जाने से कूला गांव से झैड़ गांव तक रोड कटिंग का काम शुरू होने से पहले ही ठप हो गया।
दो किमी का पैदल सफर करने को मजबूर
स्थानीय ग्रामीण प्रदीप मैठाणी, देवेंद्र मैठाणी, सत्य प्रसाद, ज्योति और श्रीकांत ने बताया कि पिछले 16 साल से नौडखाल-नांद-सिंगटाली मोटर मार्ग का सपना देखा जा रहा है, जो अब तक साकार नहीं हो सका। सड़क न होने के कारण ग्रामीण वाहनों से केवल कूला गांव तक ही पहुंच पाते हैं। वहां से उन्हें झैड़ गांव पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर तय करना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही बैठक कर आंदोलन की ठोस रूपरेखा तय की जाएगी और सड़क न बनने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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झैड़ गांव तक दो किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए प्रथम चरण का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही प्रथम चरण का काम तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। - विवेक कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि लैंसडौन
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- कूला गांव से दो किलोमीटर का पैदल दुर्गम सफर तय कर घर पहुंचने को मजबूर हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। यमकेश्वर विकासखंड का झैड़ गांव लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) लैंसडौन की लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी के चलते आज तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। 3.50 किलोमीटर रोड कटिंग के लिए स्वीकृत हुए 72 लाख रुपये जिला प्रशासन की ओर से वापस मांगे जाने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। अब ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव तक लगातार धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
साल 2024 में कूला गांव के पास से ढांगूगढ़ (सिंगटाली झूला पुल) तक करीब 3.50 किमी मोटर मार्ग के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिली थी। इसके लिए करीब 72 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था और केवल टेंडर प्रक्रिया होनी बाकी थी। इसी बीच अचानक जिला प्रशासन ने लोनिवि लैंसडौन से यह धनराशि वापस मांग ली। बजट वापस जाने से कूला गांव से झैड़ गांव तक रोड कटिंग का काम शुरू होने से पहले ही ठप हो गया।
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दो किमी का पैदल सफर करने को मजबूर
स्थानीय ग्रामीण प्रदीप मैठाणी, देवेंद्र मैठाणी, सत्य प्रसाद, ज्योति और श्रीकांत ने बताया कि पिछले 16 साल से नौडखाल-नांद-सिंगटाली मोटर मार्ग का सपना देखा जा रहा है, जो अब तक साकार नहीं हो सका। सड़क न होने के कारण ग्रामीण वाहनों से केवल कूला गांव तक ही पहुंच पाते हैं। वहां से उन्हें झैड़ गांव पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर तय करना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही बैठक कर आंदोलन की ठोस रूपरेखा तय की जाएगी और सड़क न बनने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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झैड़ गांव तक दो किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए प्रथम चरण का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही प्रथम चरण का काम तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। - विवेक कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि लैंसडौन