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Rishikesh News: मर्सिडीज में घूमने वाला लक्सर ब्लॉक का ग्राम विकास अधिकारी पकड़ा
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I- 11 साल में आय से करीब 314 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
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I- विजिलेंस ने 2020 में दर्ज किया था मुकदमा, चार सालों तक चली गहन जांचI
आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने के मामले में विजिलेंस ने हरिद्वार के लक्सर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ चार साल पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में उसकी संपत्ति ज्ञात स्रोत से अर्जित धन से करीब 314 फीसदी अधिक है। इसमें लग्जरी गाड़ियों से लेकर गाजियाबाद में अलीशान दो मंजिला मकान तक शामिल है। आरोपी को अब शनिवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत रामपाल सिंह की तन्ख्वाह करीब एक लाख रुपये है। वह मर्सिडीज से चलता है और हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद तक उसकी संपत्तियां हैं। अब यह ग्राम विकास अधिकारी विजिलेंस की हवालात में बंद है। विजिलेंस ने चार सालों तक जब जांच की तो टीम भी भौचक्की रह गई। एसएसपी विजिलेंस धीरेंद्र कुमार गुंज्याल ने बताया कि आरोपी रामपाल के खिलाफ वर्ष 2020 में देहरादून सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया गया था। उसकी एक जनवरी 2007 से लेकर 31 दिसंबर 2018 तक की आय और खर्च का हिसाब किया गया।
पता चला कि उसने इस अवधि में वैध स्रोत से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कमाए हैं। जबकि, खर्च इससे कहीं ज्यादा 6.23 करोड़ रुपये किए हैं। यह उसकी आय से लगभग 4.72 करोड़ रुपये यानी लगभग 314 फीसदी अधिक है। रामपाल सिंह निवासी कनखल, हरिद्वार को इस खर्च और आय से संबंधित पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन, इसके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति शासन पहले दे चुका था। ऐसे में उसे विजिलेंस कार्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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I- 11 साल में आय से करीब 314 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
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I- विजिलेंस ने 2020 में दर्ज किया था मुकदमा, चार सालों तक चली गहन जांचI
आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने के मामले में विजिलेंस ने हरिद्वार के लक्सर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ चार साल पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में उसकी संपत्ति ज्ञात स्रोत से अर्जित धन से करीब 314 फीसदी अधिक है। इसमें लग्जरी गाड़ियों से लेकर गाजियाबाद में अलीशान दो मंजिला मकान तक शामिल है। आरोपी को अब शनिवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत रामपाल सिंह की तन्ख्वाह करीब एक लाख रुपये है। वह मर्सिडीज से चलता है और हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद तक उसकी संपत्तियां हैं। अब यह ग्राम विकास अधिकारी विजिलेंस की हवालात में बंद है। विजिलेंस ने चार सालों तक जब जांच की तो टीम भी भौचक्की रह गई। एसएसपी विजिलेंस धीरेंद्र कुमार गुंज्याल ने बताया कि आरोपी रामपाल के खिलाफ वर्ष 2020 में देहरादून सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया गया था। उसकी एक जनवरी 2007 से लेकर 31 दिसंबर 2018 तक की आय और खर्च का हिसाब किया गया।
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पता चला कि उसने इस अवधि में वैध स्रोत से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कमाए हैं। जबकि, खर्च इससे कहीं ज्यादा 6.23 करोड़ रुपये किए हैं। यह उसकी आय से लगभग 4.72 करोड़ रुपये यानी लगभग 314 फीसदी अधिक है। रामपाल सिंह निवासी कनखल, हरिद्वार को इस खर्च और आय से संबंधित पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन, इसके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति शासन पहले दे चुका था। ऐसे में उसे विजिलेंस कार्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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