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प्राइवेट लैब में कराए जा रहे गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड
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ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आ रही गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों की ओर से गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए प्राइवेट लैब में भेजा जा रहा है। इसका कारण मशीन का पुराना होना बताया जा रहा है। वहीं सीएमएस इस मामले में जांच कराने और मशीन को अपडेट करने की बात कही है।
बुुधवार को सरकारी अस्पताल से गर्भवती महिलाओं को निजी लैब में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा जा रहा था। निजी लैब में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने के बदले में 1100 रुपये वसूले जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में अल्टासाउंट मशीन होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं को निजी लैब भेजने पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेेजे जाने पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का तर्क था कि सरकारी अस्पताल में जो मशीन है, वह काफी पुरानी हो गई है। उसका कैमरा भी ढंग से काम नहीं करता। बाहर से जो अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है, वह नई वर्जन की मशीनों से कराया जाता है, उनकी रिपोर्ट भी अच्छी आती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को बाहर लैब में अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है।
कोट-
यदि महिला रोग विशेषज्ञ की ओर से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी लैबों में भेजा जा रहा है तो यह गलत है। अस्पताल की जो अल्ट्रासाउंड मशीन है, वह अच्छी हालत में है। यदि डॉक्टर की ओर से मशीन के कैमरे को खराब बताया जा रहा और मशीन को पुराने वर्जन का बताया जा रहा तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
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- नरेंद्र सिंह तोमर, सीएमएस, राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश
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बुुधवार को सरकारी अस्पताल से गर्भवती महिलाओं को निजी लैब में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा जा रहा था। निजी लैब में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने के बदले में 1100 रुपये वसूले जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में अल्टासाउंट मशीन होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं को निजी लैब भेजने पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेेजे जाने पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का तर्क था कि सरकारी अस्पताल में जो मशीन है, वह काफी पुरानी हो गई है। उसका कैमरा भी ढंग से काम नहीं करता। बाहर से जो अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है, वह नई वर्जन की मशीनों से कराया जाता है, उनकी रिपोर्ट भी अच्छी आती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को बाहर लैब में अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है।
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कोट-
यदि महिला रोग विशेषज्ञ की ओर से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी लैबों में भेजा जा रहा है तो यह गलत है। अस्पताल की जो अल्ट्रासाउंड मशीन है, वह अच्छी हालत में है। यदि डॉक्टर की ओर से मशीन के कैमरे को खराब बताया जा रहा और मशीन को पुराने वर्जन का बताया जा रहा तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
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- नरेंद्र सिंह तोमर, सीएमएस, राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश