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चौरासी कुटिया से लौटे विदेशी सैलानी
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Thu, 10 Dec 2015 02:02 AM IST
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विश्व विख्यात शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया के खुलने के बाद बुधवार को पहले दिन भ्रमण पर गए एक दर्जन से अधिक विदेशी पर्यटक गेट से वापस लौट गए। बताया जा रहा है कि विदेशियों के लिए अत्यधिक प्रवेश शुल्क होने की वजह से पर्यटकों ने बीटल्स आश्रम का भ्रमण नहीं किया।
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भावातीत ध्यान के विश्व विख्यात केंद्र के रूप में प्रसिद्ध स्वर्गाश्रम स्थित चौरासी कुटिया में राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन ने भारतीयों के लिए प्रति व्यक्ति 150 रुपये और विदेशी सैलानियों के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।
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बुधवार को शुल्क अधिक बताकर करीब डेढ़ दर्जन से अधिक सैलानी चौरासी कुटिया आश्रम के मुख्यगेट से ही वापस लौट गए। इस दौरान फ्रांस से ऋषिकेश घूमने आए एक दल की क्वींटील, सेेरेना, जमिका और लीसा ने बताया कि कुटिया घूमने के लिए शुल्क अधिक रखा गया है। जो उनके बजट से बाहर है।
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इसकी पुष्टि करते हुए गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने बताया कि बुधवार को छह विदेशी और 15 भारतीय पर्यटकों ने चौरासी कुटिया का भ्रमण किया। लेकिन, एक दर्जन से अधिक पर्यटक प्रवेश शुल्क अधिक बताकर मुख्यगेट से वापस लौट गए।
बता दें कि पर्यटन के विश्व प्रसिद्ध केंद्र ताजमहल में विदेशी पर्यटकों के लिए कुल 750 रुपये शुल्क निर्धारित है। जिसमें पर्यटकों के आकर्षित करने और उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। इससे उलट चौरासी कुटिया में प्रवेश शुल्क तो 600 रुपये लिया जा रहा है, लेकिन जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए पार्क प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है।