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बोर्ड परीक्षाओं में सूचित का ध्यान रखना जरुरी
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श्री जयराम महाविद्यालय में उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा निदेशालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव भूपेंद्र सिंह नेगी ने कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे प्रधानाचार्यों को बोर्ड परीक्षाओं के विषय में जानकारी दी।
रविवार को आयोजित कार्यशाला में नेगी ने कहा कि परीक्षाओं में टाइम टेबल का ध्यान रखा जाना अति आवश्यक है। साथ ही गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ मासिक परीक्षाओं का आयोजन करना भी जरूरी है ताकि छात्रों को समझा जा सके और कमजोर छात्रों को और अच्छे तरीके से बोर्ड परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके। विद्यालय के प्रधानाचार्यों को छात्रों के प्रवेश फार्म भरते हुए सावधानी का ध्यान रखना होगा। सत्र के समापन पर कार्यक्रम के संयोजक और संस्कृत निदेशक शिवप्रसाद खाली ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करना जरूरी है।
इस मौके पर संस्कृत के संयुक्त सचिव वीरेंद्रपाल, उप निदेशक पद्माकर मिश्र, उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, उपसचिव संस्कृत परिषद संजू प्रसाद ध्यानी, जयराम के प्रधानाचार्य मायाराम रतूड़ी, शिवप्रसाद भट्ट, डॉ. जनार्दन कैरवान, ओमप्रकाश पूर्वाल, विजय जुगलान, विनायक भट्ट, नवीन भट्ट, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, भगवती उनियाल, डॉ. नवीनचंद्र जोशी आदि शामिल थे।
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रविवार को आयोजित कार्यशाला में नेगी ने कहा कि परीक्षाओं में टाइम टेबल का ध्यान रखा जाना अति आवश्यक है। साथ ही गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ मासिक परीक्षाओं का आयोजन करना भी जरूरी है ताकि छात्रों को समझा जा सके और कमजोर छात्रों को और अच्छे तरीके से बोर्ड परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके। विद्यालय के प्रधानाचार्यों को छात्रों के प्रवेश फार्म भरते हुए सावधानी का ध्यान रखना होगा। सत्र के समापन पर कार्यक्रम के संयोजक और संस्कृत निदेशक शिवप्रसाद खाली ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करना जरूरी है।
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इस मौके पर संस्कृत के संयुक्त सचिव वीरेंद्रपाल, उप निदेशक पद्माकर मिश्र, उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, उपसचिव संस्कृत परिषद संजू प्रसाद ध्यानी, जयराम के प्रधानाचार्य मायाराम रतूड़ी, शिवप्रसाद भट्ट, डॉ. जनार्दन कैरवान, ओमप्रकाश पूर्वाल, विजय जुगलान, विनायक भट्ट, नवीन भट्ट, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, भगवती उनियाल, डॉ. नवीनचंद्र जोशी आदि शामिल थे।
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