{"_id":"6ab51df48916f933480b9018","slug":"thrill-returns-to-the-waters-of-the-ganges-rafting-season-begins-rishikesh-news-c-38-1-rks1008-146808-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: गंगा में रोमांच का आगाज, सड़कों पर जाम का राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: गंगा में रोमांच का आगाज, सड़कों पर जाम का राज
Thu, 24 Sep 2026 08:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 24 Sep 2026 08:26 PM IST
विज्ञापन
- राफ्टिंग सीजन शुरू होते ही तीर्थनगरी में बढ़ी पर्यटकों और राफ्टिंग वाहनों की आवाजाही, मुनिकीरेती-ऋषिकेश में यातायात का दबाव बढ़ा
-मुनि की रेती से तपोवन तक पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ी
-राफ्टों से लदी गाड़ियों ने बढ़ाई रौनक, अतिक्रमण और जाम ने बिगाड़ी व्यवस्था
- अतिक्रमण, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की पुरानी समस्याएं फिर आईं सामने
ढालवाला। तीर्थनगरी में गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच शुरू होते ही पर्यटन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुनिकीरेती, ढालवाला, लक्ष्मणझूला और तपोवन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत देशभर से पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। विदेशी सैलानी भी राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ हर राफ्टिंग सीजन में सामने आने वाली यातायात की समस्या भी फिर शुरू हो गई है।
सीजन के पहले दिन सुबह से ही मुनिकीरेती की सड़कों पर राफ्टिंग वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। पिकअप, जिप्सी और ट्रकों में राफ्ट लादकर शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और कौड़ियाला समेत विभिन्न राफ्टिंग प्वाइंटों की ओर ले जाए गए। पर्यटकों और गाइडों की चहल-पहल से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, परिवहन और राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों को भी सीजन से अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
वहीं, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के साथ मुनिकीरेती और ऋषिकेश में यातायात का दबाव भी बढ़ गया। मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और राफ्ट लदे वाहनों की बढ़ी आवाजाही के कारण कई जगह जाम की स्थिति बनी। इसका असर केवल तीर्थनगरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऋषिकेश गढ़वाल के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क केंद्र होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पड़ता है।
विज्ञापन
राफ्टिंग सीजन में हर वर्ष यातायात का दबाव बढ़ना आम समस्या है, लेकिन इसके बावजूद पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण को लेकर स्थायी एवं प्रभावी इंतजाम नहीं हो पाए हैं। ऐसे में पर्यटन सीजन के साथ बढ़ते यातायात को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कोट—
“राफ्टिंग सत्र की शुरुआत के साथ पर्यटन गतिविधियों को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अतिक्रमण और यातायात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— बद्री प्रसाद भट्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मुनिकीरेती
राफ्टिंग शुरू लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा
एक ओर राफ्टिंग सीजन शुरू होने से पर्यटन कारोबारियों और पर्यटकों में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर मुनि की रेती की सड़कों पर अव्यवस्था भी नजर आई। राफ्टिंग सीजन से पहले प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने पर किए गए दावों के बावजूद मुख्य सड़कों पर स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया।
चंद्रभागा पुल और तपोवन जाने वाले मार्गों पर कई जगह दुकानदारों का सामान सड़क तक फैला हुआ दिखाई दिया। इसके अलावा सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन और रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा भी बना रहा। राफ्टिंग सीजन शुरू होते ही वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई। सड़क किनारे अतिक्रमण और राफ्ट लदी गाड़ियों की बढ़ी आवाजाही के कारण मुनि की रेती और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। तेज धूप के बीच पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम में काफी देर तक फंसे रहना पड़ा। ऐसे में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राफ्टिंग से कारोबार को उम्मीद
राफ्टिंग सीजन शुरू होने से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, परिवहन, गाइड और राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। हालांकि इसके लिए सड़क, पार्किंग, यातायात और अतिक्रमण जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है।
विज्ञापन
-मुनि की रेती से तपोवन तक पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ी
-राफ्टों से लदी गाड़ियों ने बढ़ाई रौनक, अतिक्रमण और जाम ने बिगाड़ी व्यवस्था
- अतिक्रमण, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की पुरानी समस्याएं फिर आईं सामने
ढालवाला। तीर्थनगरी में गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच शुरू होते ही पर्यटन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुनिकीरेती, ढालवाला, लक्ष्मणझूला और तपोवन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत देशभर से पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। विदेशी सैलानी भी राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ हर राफ्टिंग सीजन में सामने आने वाली यातायात की समस्या भी फिर शुरू हो गई है।
सीजन के पहले दिन सुबह से ही मुनिकीरेती की सड़कों पर राफ्टिंग वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। पिकअप, जिप्सी और ट्रकों में राफ्ट लादकर शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और कौड़ियाला समेत विभिन्न राफ्टिंग प्वाइंटों की ओर ले जाए गए। पर्यटकों और गाइडों की चहल-पहल से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, परिवहन और राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों को भी सीजन से अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
विज्ञापन
वहीं, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के साथ मुनिकीरेती और ऋषिकेश में यातायात का दबाव भी बढ़ गया। मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और राफ्ट लदे वाहनों की बढ़ी आवाजाही के कारण कई जगह जाम की स्थिति बनी। इसका असर केवल तीर्थनगरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऋषिकेश गढ़वाल के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क केंद्र होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पड़ता है।
विज्ञापन
राफ्टिंग सीजन में हर वर्ष यातायात का दबाव बढ़ना आम समस्या है, लेकिन इसके बावजूद पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण को लेकर स्थायी एवं प्रभावी इंतजाम नहीं हो पाए हैं। ऐसे में पर्यटन सीजन के साथ बढ़ते यातायात को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कोट—
“राफ्टिंग सत्र की शुरुआत के साथ पर्यटन गतिविधियों को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अतिक्रमण और यातायात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— बद्री प्रसाद भट्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मुनिकीरेती
राफ्टिंग शुरू लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा
एक ओर राफ्टिंग सीजन शुरू होने से पर्यटन कारोबारियों और पर्यटकों में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर मुनि की रेती की सड़कों पर अव्यवस्था भी नजर आई। राफ्टिंग सीजन से पहले प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने पर किए गए दावों के बावजूद मुख्य सड़कों पर स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया।
चंद्रभागा पुल और तपोवन जाने वाले मार्गों पर कई जगह दुकानदारों का सामान सड़क तक फैला हुआ दिखाई दिया। इसके अलावा सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन और रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा भी बना रहा। राफ्टिंग सीजन शुरू होते ही वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई। सड़क किनारे अतिक्रमण और राफ्ट लदी गाड़ियों की बढ़ी आवाजाही के कारण मुनि की रेती और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। तेज धूप के बीच पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम में काफी देर तक फंसे रहना पड़ा। ऐसे में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राफ्टिंग से कारोबार को उम्मीद
राफ्टिंग सीजन शुरू होने से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, परिवहन, गाइड और राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। हालांकि इसके लिए सड़क, पार्किंग, यातायात और अतिक्रमण जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है।