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Rishikesh News: योगाचार्यों और साधकों ने बनाई फेस्टिवल से दूरी
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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के वानप्रस्थ घाट पर आयोजित द बीटल्स एंड द गंगा फेस्टिवल को लेकर स्थानीय योगाचार्यों और साधकों में मायूसी दिखी। योगाचार्यों ने कहा कि बीटल्स के नाम से प्रसारित फेस्टिवल मोदी फेस्टिवल बन गया। कहा इस फेस्टिवल में शासन प्रशासन ने उन्हें मायूस किया है।
शनिवार को आयोजित फेस्टिवल के दूसरे दिन सुबह सात से साढ़े आठ बजे तक योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें स्थानीय आश्रम के ऋषिकुमारों के अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारी योग, ध्यान करते हुए नजर आए। जबकि तपोवन, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और आसपास क्षेत्र में करीब चार से पांच सौ योग और ध्यान के केंद्र हैं। फेस्टिवल के आयोजन से पहले पौड़ी प्रशासन ने कई योग, ध्यान केंद्र के योगाचार्याें और साधकों समेत फेस्टिवल में प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते फेस्टिवल में योगाचार्य और देशी, विदेशी योगचार्यों ने दूरी बनाई।
स्थानीय योगाचार्यों ने आरोप लगाया कि पौड़ी प्रशासन की ओर से उन्हें फेस्टिवल में सम्मिलित होने के लिए सूचना दी गई थी। फेस्टिवल के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका उद्घाटन किया। लेकिन इस दौरान कार्यक्रम में योगाचार्यों और योग साधकों को दरकिनार किया गया।
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Iप्रशासन की ओर से योगाचार्यों को पूरा सम्मान दिया जा रहा है। -अनिल कुमार चन्याल, एसडीएम यमकेश्वरI
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शनिवार को आयोजित फेस्टिवल के दूसरे दिन सुबह सात से साढ़े आठ बजे तक योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें स्थानीय आश्रम के ऋषिकुमारों के अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारी योग, ध्यान करते हुए नजर आए। जबकि तपोवन, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और आसपास क्षेत्र में करीब चार से पांच सौ योग और ध्यान के केंद्र हैं। फेस्टिवल के आयोजन से पहले पौड़ी प्रशासन ने कई योग, ध्यान केंद्र के योगाचार्याें और साधकों समेत फेस्टिवल में प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते फेस्टिवल में योगाचार्य और देशी, विदेशी योगचार्यों ने दूरी बनाई।
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स्थानीय योगाचार्यों ने आरोप लगाया कि पौड़ी प्रशासन की ओर से उन्हें फेस्टिवल में सम्मिलित होने के लिए सूचना दी गई थी। फेस्टिवल के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका उद्घाटन किया। लेकिन इस दौरान कार्यक्रम में योगाचार्यों और योग साधकों को दरकिनार किया गया।
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Iप्रशासन की ओर से योगाचार्यों को पूरा सम्मान दिया जा रहा है। -अनिल कुमार चन्याल, एसडीएम यमकेश्वरI