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Rishikesh News: रोडवेज की हड़ताल से यात्री भटकते रहे बे-बस

Tue, 02 Jan 2024 01:01 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jan 2024 01:01 AM IST
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The operation of roadways buses came to a standstill on the
Iदोपहर बाद प्राइवेट बसों का संचालन भी ठप होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, ट्रेनों में बढ़ा दबाव
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Iतीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान है एमवी एक्ट में संशोधन के विरोध मेंI

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के तीन दिवसीय हड़ताल के आह्वान के पहले दिन रोडवेज बसों का संचालन ठप रहा। यात्री दिनभर बसों के लिए भटकते रहे। रोडवेज कर्मियों ने दोपहर बाद प्राइवेट बसों का संचालन भी बंद करवा दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। कुछ लोगों ने प्राइवेट बसों, टैक्सियों और ट्रेनों से आगे का सफर किया।



केंद्र सरकार की ओर से मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। इस एक्ट में किसी प्रकार की सड़क दुर्घटना में बस चालक को 10 साल तक की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। बस, ट्रक, टैक्सी चालक इस एक्ट का विरोध कर रहे हैं। सोमवार सुबह ऋषिकेश रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर रोडवेज बसों का संचालन ठप कर दिया। रोडवेज की बसों का संचालन ठप होने के बाद हरिद्वार, देहरादून जाने वाले यात्रियों को प्राइवेट बसों और टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों से हरिद्वार और देहरादून वाली बसें पैक होकर गई।
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रोडवेज बसों की हड़ताल के कारण यात्रियों ने जीएमओयू, टीजीएमओयू, सीमांत सहकारी संघ की बसों का सहारा लिया। मोतीचूर और हरिद्वार में रोडवेज बस चालकों ने प्राइवेट बसों को रोक लिया। टकराव की स्थिति देख प्राइवेट कंपनियों को अपनी बसें जगह-जगह खड़ी करवानी पड़ी। इस दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीजीएमओसी लिमिटेड के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जो नया मोटर व्हीकल एक्ट लाया जा रहा है उसका विरोध है। रोडवेज के यूनियनों को हड़ताल करने से पहले स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को विश्वास में लेना चाहिए था। यदि रोडवेज और अन्य ट्रांसपोर्ट कंपनियों के साथ मिलकर हड़ताल करती तो उसका असर भी दिखता।
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Iचलता रहा बैठकों का दौरI



ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के एक, दो और तीन जनवरी को वाहनों का चक्का जाम करने का आह्वान को लेकर ट्रक यूनियन, बस यूनियन, टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। सभी ने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की ओर से की जा रही हड़ताल को समर्थन दिया।





Iयात्रियों ने अहमदाबाद मेल से किया दिल्ली का सफरI

रोडवेज बसों का संचालन बंद होने और दिल्ली के लिए सीधी बस न मिलने से आईएसबीटी में बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों ने योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पहुंचकर अहमदाबाद मेल से दिल्ली का सफर किया। ट्रेन के इंतजार में योगनगरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ लगी रही।





Iप्रशासन के दबाव में रोडवेज बसें भेजी देहरादूनI



रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ बढ़ते देख जिला प्रशासन की ओर से एआरटीओ को रोडवेज बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए। उसके बाद रोडवेज डिपो से तीन बजे के बाद कुछ अंतराल पर चार बसें देहरादून भेजी गई। विरोध स्वरूप बसों में तोड़फोड़ की कोई घटना न हो इसके लिए रोडवेज अधिकारी बसों में बैठकर गए। श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली बसों के यात्रियों के टिकट के पैसे रिफंड कर यात्रियों को ऋषिकेश उतारकर बसें वापस गई।


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Iऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। जिससे संचालन प्रभावित रहा। तड़के चार बजे पर्वतीय क्षेत्रों की बसों को छोड़कर संचालन ठप रहा। तीन बजे स्थानीय प्रशासन के आश्वासन पर चार बसों को देहरादून भेजा गया। - अनुराग पुरोहित, यातायात अधीक्षक, ऋषिकेश रोडवेज डिपोI
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