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Rishikesh News: सड़कों का बुरा हाल, विपक्षी पार्षद उठाने लगे सवाल
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Iनगर निगम के 40 वार्ड में 20-20 लाख रुपये से डामरीकरण कराने की घोषणा टेंडरों में उलझी
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Iचार महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका काम, लोग परेशानI
नगर निगम के वार्ड की सड़कों की हालत खराब है। प्रत्येक वार्ड में सड़कों के डामरीकरण करवाने के लिए मेयर ने 20-20 लाख रुपये की घोषणा की थी। चार महीने बीतने के बाद भी सड़कों का डामरीकरण कार्य टेंडरों में उलझकर रह गए हैं। विपक्षी दल घोषणा को हवा-हवाई बता रहे हैं। वहीं विकास कार्य शुरू न होने पर वार्ड के लोग भी सवाल उठाने लगे हैं।
नगर निगम के वार्ड की सड़कों की हालत खस्ताहाल है। इससे आवाजाही करने वालों को परेशानी झेलनी पड़ती है। 40 वार्ड में क्षतिग्रस्त सड़कों पर डामर बिछाने की मेयर अनीता ममगाईं ने तीन जुलाई को घोषणा की थी। घोषणा के तहत के प्रत्येक वार्ड में 20 लाख रुपये की लागत से डामर होना था। लेकिन दो बार ई-टेंडर किए जाने के बावजूद नगर निगम कोई पात्र ठेकेदार नहीं मिला है। ऐसे में वार्ड में डामर रोड नहीं बन पाई है। अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक वार्ड में 20-20 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाने को लेकर दो बार टेंडर हुए, लेकिन टेंडर में दो-दो ठेकेदारों से ज्यादा ठेकेदार नहीं आए। ऐसे में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए।
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Iकथनी और करनी में अंतर होने के कारण प्रत्येक वार्ड को 20-20 लाख रुपये के काम नहीं हो पाए। चार महीने से स्थानीय लोग भी अपने क्षेत्र में गलियों के डामरीकरण की राह देख रहे हैं। किसी अन्य मद का पैसा दूसरी जगह लगाने से ठेकेदार भी नगर निगम के टेंडर लेने के लिए कतरा रहे हैं। - शिवकुमार गौतम, पार्षद नगर निगम ऋषिकेशI
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Iप्रत्येक वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 20-20 लाख रुपये के दो बार टेंडर हो चुके हैं। पहली बार के दो टेंडर ही ओपन हुए, जबकि दूसरी बार किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाले। तीसरे बार भी ई-टेंडर डाले गए। दो अखबारों में भी टेंडर प्रकाशित किए गए। 22 नवंबर को टेंडर डालने की आखिरी तिथि है। - राहुल गोयल, नगर आयुक्त ऋषिकेशI
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Iचार महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका काम, लोग परेशानI
नगर निगम के वार्ड की सड़कों की हालत खराब है। प्रत्येक वार्ड में सड़कों के डामरीकरण करवाने के लिए मेयर ने 20-20 लाख रुपये की घोषणा की थी। चार महीने बीतने के बाद भी सड़कों का डामरीकरण कार्य टेंडरों में उलझकर रह गए हैं। विपक्षी दल घोषणा को हवा-हवाई बता रहे हैं। वहीं विकास कार्य शुरू न होने पर वार्ड के लोग भी सवाल उठाने लगे हैं।
नगर निगम के वार्ड की सड़कों की हालत खस्ताहाल है। इससे आवाजाही करने वालों को परेशानी झेलनी पड़ती है। 40 वार्ड में क्षतिग्रस्त सड़कों पर डामर बिछाने की मेयर अनीता ममगाईं ने तीन जुलाई को घोषणा की थी। घोषणा के तहत के प्रत्येक वार्ड में 20 लाख रुपये की लागत से डामर होना था। लेकिन दो बार ई-टेंडर किए जाने के बावजूद नगर निगम कोई पात्र ठेकेदार नहीं मिला है। ऐसे में वार्ड में डामर रोड नहीं बन पाई है। अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक वार्ड में 20-20 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाने को लेकर दो बार टेंडर हुए, लेकिन टेंडर में दो-दो ठेकेदारों से ज्यादा ठेकेदार नहीं आए। ऐसे में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए।
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Iकथनी और करनी में अंतर होने के कारण प्रत्येक वार्ड को 20-20 लाख रुपये के काम नहीं हो पाए। चार महीने से स्थानीय लोग भी अपने क्षेत्र में गलियों के डामरीकरण की राह देख रहे हैं। किसी अन्य मद का पैसा दूसरी जगह लगाने से ठेकेदार भी नगर निगम के टेंडर लेने के लिए कतरा रहे हैं। - शिवकुमार गौतम, पार्षद नगर निगम ऋषिकेशI
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Iप्रत्येक वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 20-20 लाख रुपये के दो बार टेंडर हो चुके हैं। पहली बार के दो टेंडर ही ओपन हुए, जबकि दूसरी बार किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाले। तीसरे बार भी ई-टेंडर डाले गए। दो अखबारों में भी टेंडर प्रकाशित किए गए। 22 नवंबर को टेंडर डालने की आखिरी तिथि है। - राहुल गोयल, नगर आयुक्त ऋषिकेशI