{"_id":"574765694f1c1b2f07690dc0","slug":"the-canteen-will-be-open-independent-of-maternal-power","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंटीन खुलने से आत्मनिर्भर होगी मातृ शक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंटीन खुलने से आत्मनिर्भर होगी मातृ शक्ति
आलोक पंवार /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 27 May 2016 02:37 AM IST
विज्ञापन
अम्मा कैंटीन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड स्थित यात्री सुविधा केंद्र में खुलने वाली इंदिरा अम्मा कैंटीन महिलाओं को सशक्त करेगी। कैंटीन में खाना बनाने, पैकिंग, हिसाब किताब रखने के लिए 15 महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी। इतना ही नहीं गांव में पंजीकृत महिला समूह को दूध और सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ताकी कैंटीन में शुद्ध दूध और ताजी सब्जी की आपूर्ति हो सके।
विज्ञापन
बीटीसी में 31 मई को इंदिरा अम्मा कैंटीन खुलना लगभग तय हो चुका है। प्रशासन कैंटीन के संचालन के लिए डोईवाला ब्लाक की हिमाद्री स्वयं सहायता समूह, भानियावाला को अधिकृत किया है। बृहस्पतिवार को स्वयं सहायता से जुड़ी महिला समन्वयक मुस्कान और कोमल देवी ने यात्री सुविधा केंद्र में कैंटीन व्यवस्था का जायजा लिया।
विज्ञापन
समन्वयक कोमल देवी ने बताया कि कैंटीन में काम करने वाली समूह की 15 महिलाएं दून में संचालित इंदिरा अम्मा कैंटीन में कैटरिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। शनिवार को प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। सभी महिलाएं ग्रामीण परिवेश हैं। बताया कि कैंटीन में तीर्थयात्रियों को शुद्घ भोजन मिले, इसके लिए गांव की महिला समूह को दूध और सब्जी के उत्पादन से जोड़ा जाएगा। दूध और सब्जी की खरीददारी महिला समूहों से कैंटीन के लिए की जाएगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। हिमाद्री स्वयं सहायता समूह पूरी सहायता करेगी।
विज्ञापन
पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जाएंगे
बीटीसी में खुलने वाली इंदिरा अम्मा कैंटीन में तीर्थयात्री उत्तराखंड पारंपरिक व्यंजन फाणू, झंगोरे की खीर, कापली, चौसा, मंडूए आदि का भी स्वाद ले सकेंगे।
हस्तनिर्मित उत्पादों का स्टाल
यात्री सुविधा केंद्र में महिला समूह की ओर से तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों का स्टाल भी लगाया जाएगा, जिससे उत्तराखंड के बहु उपयोगी हस्तनिर्मित उत्पादों को देश में पहचान मिल सके।
बीटीसी परिसर में स्थित यात्री सुविधा केंद्र में इंदिरा अम्मा कैंटीन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। हिमाद्री स्वयं सहायता समूह कैंटीन संचालित करेगी। शासन की ओर समूह को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी।
आलोक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी, दून