फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Accused ate poison as soon as he proved guilty in court rishikesh

ऋषिकेश: आरोप सिद्ध होते ही कोर्ट परिसर में आरोपी ने खाया जहर

Wed, 20 Nov 2019 01:39 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ऋषिकेश Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 20 Nov 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
Accused ate poison as soon as he proved guilty in court rishikesh
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत में लूट और हत्या की कोशिश के मामले में दोष सिद्ध होते ही एक आरोपी ने जहर खा लिया। इससे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहर्रिर ने आरोपी को अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक युवक की हालत स्थिर है।

विज्ञापन


12 अक्टूबर, 2016 को सहारनपुर के एक सराफा कारोबारी के मुनीम को दिन दहाड़े गोली मारकर लूट के मामले में मंगलवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई की तारीख थी। सुनवाई के बाद मामले में अदालत ने पुलिस की ओर से बनाए गए आठ आरोपियों में से सौरभ रस्तोगी और नवीन को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने दिल्ली निवासी अन्य छह आरोपियों सतेंद्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू, रूप किशोर रस्तोगी, जुगल किशोर रस्तोगी, सतेंद्र जैन, सुमित रस्तोगी और अनश को दोषी करार दिया।
विज्ञापन


इन सभी छह आरोपियों पर सजा का फैसला सुरक्षित रखते हुए इसके लिए बुधवार की तिथि तय की है। दोपहर करीब एक बजे कोर्ट में जैसे ही सतेंद्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू को दोष सिद्घ होने का पता चला, उसने जेब से फेसवॉश की शीशी में रखा जहरीला पदार्थ निकाला और गटक लिया। यह मंजर देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहर्रिर अमित ने तुरंत अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक को छोड़ जमानत पर थे सभी आरोपी
न्यायालय में मंगलवार को तारीख के लिए पहुंचे आठ आरोपियों में से सात जमानत पर थे। इसके अलावा एक पुलिस अभिरक्षा में था। देहरादून जेल से मंगलवार को पुलिस आरोपी अनश को लेकर पहुंची थी।

कब और क्या है मामला
सहारनपुर के सराफा कारोबारी राजकुमार जैन उर्फ गप्पी का मुनीम जोगेंद्र कुमार (40) उर्फ इंदर निवासी देवबंद बुधवार को आभूषणों की डिलीवरी देने ऋषिकेश आया था। मुनीम सुबह सवा 10 बजे के करीब आशुतोष नगर चौराहे पर उत्तराखंड रोडवेज की बस से उतरा। वह कुछ ही कदम चला था कि पीछे से भागकर आए दो बदमाशों में से एक ने उस पर पिस्टल से फायर झोंक दिया।

गोली जोगेंद्र की गर्दन के पीछे बाएं हिस्से में लगी। घायल होने के बाद भी मुनीम बैग छीनने का प्रयास कर बदमाश से भिड़ गया। छीना-झपटी में बदमाश के हाथ से पिस्टल छूटकर जमीन पर गिर गई। बाद में दूसरे बदमाश ने आभूषण से भरा बैग छीन लिया। बिना देर किए दोनों बदमाश पहले से ही बाइक स्टार्ट किए खड़े तीसरे साथी की मदद से फरार हो गए। घबराहट में बदमाश पिस्टल मौके पर ही छोड़ गए। लहूलुहान मुनीम को स्थानीय लोगों ने ऑटो से सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।

कोर्ट में दोष सिद्घ होने का फैसला होते ही आरोपी को पुलिस अपनी अभिरक्षा में ले लेती है। यदि सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया तो इसमें पूरी तरह पुलिस का लापरवाही का मामला है।
-विकेश नेगी, अधिवक्ता, क्रिमिनल केस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed