फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Tantric Babas fear among the people of Tal Bandini area

ताल बांदनी क्षेत्र में ग्रामीणों में तांत्रिक बाबा का खौफ

Sun, 21 Nov 2021 01:18 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
Tantric Babas fear among the people of Tal Bandini area
ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ताल बांदनी क्षेत्र में इन दिनों ग्रामीणों में तांत्रिक बाबा का खौफ बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से बाबा को क्षेत्र से हटाने की मांग की है। इसके लिए ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को पत्र भेजा है।
विज्ञापन

स्थानीय ग्रामीण विरेंद्र सिंह रावत, विमला देवी, कीर्तिवर्धन सिंह, मोहन सिंह, यशवंत सिंह, सत्यपाल सिंह रावत और अरविंद सिंह ने बताया कि सैजादा गांव में वर्ष 2019 में महाकाल गिरी ऊर्फ भूपेंद्र सिंह रावत जिला पंचायत के यात्री शेड में अपना एक ठिकाना बनाकर रहने लगा। कुछ महीनों तक बाबा का स्थानीय ग्रामीणों से तालमेल ठीक था। जिसके कारण कुछ ग्रामीणों की सहमति पर बाबा ने ताल क्षेत्र में जनवरी 2021 में एक मंदिर का निर्माण किया। उसके बाद बाबा वहीं रहने लगा। बाबा से मिलने देहरादून आदि क्षेत्रों से कई लोग आते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन दीपावली पर्व से बाबा ने अचानक अपना रुप बदल दिया और वह अजीबो-गरीब हरकतें करने लगा। बाबा आसपास ग्रामीणों से भी गाली-गलौच करने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दिन बाबा ने अपने मंदिर में देहरादून से आए एक भक्त के सिर पर चिमटा मार दिया। उस व्यक्ति के सिर से खून निकलने लगा, जिसे बाबा ने पी लिया। इस तरह की हरकतें देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानमाल के नुकसान को देखते हुए ग्रामीणों ने बाबा का विरोध किया और उसे क्षेत्र से दूसरी जगह भेजे जाने की मांग की। इसके लिए ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को भी पत्र भेजा है। ग्रामीणों ने कहा कि बाबा के रहते क्षेत्र में उनके बच्चे और ग्रामीण सुरक्षित नहीं है।
विज्ञापन

पंचायत मंत्री था बाबा
ऋषिकेश। महाकाल गिरी ऊर्फ भूपेंद्र सिंह बिष्ट वर्ष 2012-13 में यमकेश्वर ब्लॉक कार्यालय में पंचायत मंत्री के पद पर कार्यरत था। करीब चार वर्ष तक नौकरी करने के बाद भूपेंद्र ने सन्यास धारण कर लिया। वह अविवाहित था। बाबा बनने से पहले उसने अपना पिंडदान किया था। बाबा ने यमकेश्वर ब्लॉक के कई गांवों में इसी तरह अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन वहां के ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया। उसके बाद फिर बाबा सैजादा गांव में आकर रहने लगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीते 17 नवंबर से बाबा क्षेत्र से गायब चल रहा है। बाबा की छानबीन की जा रही है। शांतिभंग के मामले में बाबा का चालान किया गया है। जैसे ही बाबा दिखेगा उसे गिरफ्तार कर उसे एसडीएम के सम्मुख पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-वैभव प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक कांडाखाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed