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साहब कब आएंगे सर्जन, ऑपरेशन कराना है
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12 एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ।--फाइल फोटो
- फोटो : RISHIKESH
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एसपीएस राजकीय अस्पताल के तत्कालीन सीएमएस और सर्जन डॉ. विजयेश भारद्वाज के तबादले के बाद से अस्पताल में सर्जन की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे अस्पताल में मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून सहित अन्य जनपदों के ग्रामीण उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में मरीजों को कुछ बीमारियों के लिए चिकित्सक ऑपरेशन की सलाह देते हैं। अस्पताल में सर्जन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन मरीजों के पास वित्तीय सुविधा है, वे प्राइवेट अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करवा रहे हैं। जो मरीज गरीब हैं, वे सरकारी अस्पताल में चिकित्सक की बाट जोह रहे हैं।
सरकारी अस्पताल में बीते चार वर्षों से डॉ. विजयेश भारद्वाज सर्जन के पद पर कार्यरत थे। दिसंबर 2021 में उनका स्थानांतरण जिला अस्पताल पौड़ी में हो गया। तब से लेकर अब तक सरकारी अस्पताल में सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। करीब दो महीने से अधिक का समय बीत गया है, अभी तक अस्पताल में दूसरे सर्जन की तैनाती नहीं हुई है। सर्जन का पद रिक्त होने से अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज बिना ऑपरेशन के लौट रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में टिहरी जिले से उपचार कराने पहुंचे चतर सिंह ने बताया कि उनके पैर में इंफेक्शन हो रखा है। चिकित्सक उन्हें ऑपरेशन करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन अस्पताल में सर्जन नहीं हैं। एम्स वाले भी उपचार के लिए मना कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें प्राइवेट अस्पताल में जाकर ऑपरेशन कराना पड़ेगा।
अस्पताल में रिक्त चल रहे सर्जन के पद के बारे में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में सर्जन का पद भर जाएगा। प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द अस्पताल में सर्जन की नियुक्ति हो और मरीजों को राहत मिले।
-आरएस राणा, सीएमएस
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एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून सहित अन्य जनपदों के ग्रामीण उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में मरीजों को कुछ बीमारियों के लिए चिकित्सक ऑपरेशन की सलाह देते हैं। अस्पताल में सर्जन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन मरीजों के पास वित्तीय सुविधा है, वे प्राइवेट अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करवा रहे हैं। जो मरीज गरीब हैं, वे सरकारी अस्पताल में चिकित्सक की बाट जोह रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में बीते चार वर्षों से डॉ. विजयेश भारद्वाज सर्जन के पद पर कार्यरत थे। दिसंबर 2021 में उनका स्थानांतरण जिला अस्पताल पौड़ी में हो गया। तब से लेकर अब तक सरकारी अस्पताल में सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। करीब दो महीने से अधिक का समय बीत गया है, अभी तक अस्पताल में दूसरे सर्जन की तैनाती नहीं हुई है। सर्जन का पद रिक्त होने से अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज बिना ऑपरेशन के लौट रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में टिहरी जिले से उपचार कराने पहुंचे चतर सिंह ने बताया कि उनके पैर में इंफेक्शन हो रखा है। चिकित्सक उन्हें ऑपरेशन करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन अस्पताल में सर्जन नहीं हैं। एम्स वाले भी उपचार के लिए मना कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें प्राइवेट अस्पताल में जाकर ऑपरेशन कराना पड़ेगा।
अस्पताल में रिक्त चल रहे सर्जन के पद के बारे में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में सर्जन का पद भर जाएगा। प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द अस्पताल में सर्जन की नियुक्ति हो और मरीजों को राहत मिले।
-आरएस राणा, सीएमएस