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एसआईआर : कहीं मिला सम्मान, कहीं घंटों इंतजार
Sun, 14 Jun 2026 02:14 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:14 AM IST
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कर रहे कर्मचारियों को रोजाना अलग-अलग अनुभवों से गुजरना पड़ रहा है। एक ओर कुछ परिवार उनका आत्मीयता से स्वागत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर उन्हें लंबे समय तक दरवाजों के बाहर खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है।सर्वेक्षण में जुटे कर्मचारियों का कहना है कि कई घरों में लोग उन्हें देखते ही अंदर बुला लेते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पानी पिलाने के साथ चाय-नाश्ते तक का आग्रह किया जाता है। कई बुजुर्ग और गृहणियां कर्मचारियों से बातचीत कर अभियान की जानकारी भी लेती हैं और आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध करा देती हैं। ऐसे परिवारों का सहयोग कर्मचारियों के लिए राहत का कारण बन रहा है। इसके विपरीत कुछ इलाकों में स्थिति बिल्कुल अलग है। कर्मचारियों के अनुसार कई बार घंटी बजाने और आवाज लगाने के बावजूद दरवाजे नहीं खुलते। कई घरों के बाहर उन्हें काफी देर तक खड़ा रहना पड़ता है। कभी लोग घर में मौजूद होने के बावजूद बाहर नहीं आते तो कभी बाद में आने को कह दिया जाता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि पूरे क्षेत्र में सर्वेक्षण की गति भी प्रभावित होती है। कर्मचारियों का कहना है कि एसआईआर अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे में नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। जिन क्षेत्रों में लोगों ने सहयोग किया, वहां सर्वेक्षण तेजी से पूरा हो रहा है, जबकि असहयोग वाले क्षेत्रों में कर्मचारियों को अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है।
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