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विज्ञापनों से पटे दिशासूचक, भटक रहे पर्यटक
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योगनगरी में पर्यटक और स्थानीय लोगों को रास्ता दिखाने के लिए लगाए गए दिशासूचक विज्ञापन पट्ट बन गए हैं। जगह-जगह दिशासूचक पर विभिन्न कंपनियों, निजी शिक्षण संस्थानों और टिफिन सर्विस आदि के विज्ञापन चस्पा हैं। रास्ता न मिलने से बाहरी प्रांतों से आने वाले पर्यटक पथ भ्रमित हो रहे हैं।
तीर्थनगरी के लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में भ्रमण करने के लिए रोजाना राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मुंबई आदि प्रांतों के पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। निजी वाहनों से जब पर्यटक हरिद्वार से योगनगरी की ओर रवाना हो रहे हैं तो वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। योगनगरी के विभिन्न रूटों पर स्थानीय प्रशासन की ओर से दिशासूचक बोर्ड तो लगाए गए हैं, लेकिन ये बैनर और पोस्टर से अटे पड़े हैं। इसके चलते पर्यटक पथ भ्रमित हो रहे हैं। रास्ता नहीं मिलने के कारण वे आसपास राहगीरों और दुुकान संचालकों से रास्ता पूछते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। हरिद्वार से योगनगरी आने वाले कई पर्यटक तो नेपाली फार्म से सीधे देहरादून रोड की तरफ जा रहे हैं, जहां वे फिर भानियावाला चौक से रानीपोखरी होते हुए नटराज चौक पहुंच रहे हैं। यही नहीं, जो पर्यटक श्यामपुर बाईपास के बजाय मुख्य बाजार की ओर रुख कर रहे हैं। वे कोयलघाटी से सीधे बैराज पुल पहुंच रहे हैं। नीलकंठ धाम जाने वाले पर्यटक गरुड़चट्टी पुल पर जाने के बजाय सीधे शिवपुरी पहुंच रहे हैं। जगह-जगह चौराहों पर लगे दिशा सूचक बंद होने से यात्रियों को ऐसी परेशानी आ रही है।
लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम घूमने आए दिल्ली के एक पर्यटक समीर श्रीवास्तव ने बताया कि वह परिवार के साथ अपने वाहन से ऋषिकेश घूमने आए हैं, लेकिन उन्हें लक्ष्मणझूला तक पहुंचने में बहुत परेशानी हुई। वह श्यामपुर बाईपास मार्ग से जाने के बजाय अंदर के रास्ते से आ गए। फिर वह कोयलघाटी से दाएं हाथ को मुड़कर बैराज होते हुए जंगल के रास्ते स्वर्गाश्रम पहुंचे, जबकि उन्हें अपना वाहन जानकी सेतु के समीप पूर्णानंद बस पार्किंग में खड़ा करना था। पथ भ्रमित होने के कारण उनको परेशानी हुई।
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तीर्थनगरी के लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में भ्रमण करने के लिए रोजाना राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मुंबई आदि प्रांतों के पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। निजी वाहनों से जब पर्यटक हरिद्वार से योगनगरी की ओर रवाना हो रहे हैं तो वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। योगनगरी के विभिन्न रूटों पर स्थानीय प्रशासन की ओर से दिशासूचक बोर्ड तो लगाए गए हैं, लेकिन ये बैनर और पोस्टर से अटे पड़े हैं। इसके चलते पर्यटक पथ भ्रमित हो रहे हैं। रास्ता नहीं मिलने के कारण वे आसपास राहगीरों और दुुकान संचालकों से रास्ता पूछते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। हरिद्वार से योगनगरी आने वाले कई पर्यटक तो नेपाली फार्म से सीधे देहरादून रोड की तरफ जा रहे हैं, जहां वे फिर भानियावाला चौक से रानीपोखरी होते हुए नटराज चौक पहुंच रहे हैं। यही नहीं, जो पर्यटक श्यामपुर बाईपास के बजाय मुख्य बाजार की ओर रुख कर रहे हैं। वे कोयलघाटी से सीधे बैराज पुल पहुंच रहे हैं। नीलकंठ धाम जाने वाले पर्यटक गरुड़चट्टी पुल पर जाने के बजाय सीधे शिवपुरी पहुंच रहे हैं। जगह-जगह चौराहों पर लगे दिशा सूचक बंद होने से यात्रियों को ऐसी परेशानी आ रही है।
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लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम घूमने आए दिल्ली के एक पर्यटक समीर श्रीवास्तव ने बताया कि वह परिवार के साथ अपने वाहन से ऋषिकेश घूमने आए हैं, लेकिन उन्हें लक्ष्मणझूला तक पहुंचने में बहुत परेशानी हुई। वह श्यामपुर बाईपास मार्ग से जाने के बजाय अंदर के रास्ते से आ गए। फिर वह कोयलघाटी से दाएं हाथ को मुड़कर बैराज होते हुए जंगल के रास्ते स्वर्गाश्रम पहुंचे, जबकि उन्हें अपना वाहन जानकी सेतु के समीप पूर्णानंद बस पार्किंग में खड़ा करना था। पथ भ्रमित होने के कारण उनको परेशानी हुई।
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