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15 दिन से सड़क पर बह रहा सीवर, संक्रमण का खतरा बढ़ा
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पुरानी चुंगी से कोयल घाटी की ओर सड़क पर बहता सीवर।
- फोटो : RISHIKESH
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पुरानी चुंगी से कोयल घाटी तिराहे तक 15 दिन से सीवर सड़क पर बह रहा है। इससे क्षेत्र के हालात बदतर हो गए हैं। सीवर के सड़क पर बहने से क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बदबू के कारण राहगीर नाक बंद कर चलने को मजबूर हैं।
बीते पांच दिसंबर को नगर निगम के एई ने दावा किया था कि नाले को 15 दिन में सीवर लाइन से जोड़ दिया जाएगा, लेकिन महीने भर बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बता दें कि करीब तीन वर्ष पहले तत्कालीन नगर पालिका ऋषिकेश की ओर से परशुराम चौक के समीप नाला निर्माण का कार्य किया गया था। 48 लाख रुपये की लागत से इस नाले को पुरानी चुंगी स्थित सीवर लाइन से जोड़ा जाना था। नगर निगम बनने के बाद तक कार्य गतिमान रहा। काफी मशक्कत के बाद परशुराम चौक के समीप नाले का निर्माण पूरा हुआ। इसके बावजूद नाले को सीवर लाइन से जोड़ने की बजाय पुरानी चुंगी के पास खाली पड़े एक प्लॉट पर नाले का मुहाना खोल दिया गया।
बदहाली का आलम यह है कि इससे खाली प्लॉट तो गंदे पानी से भर ही गया है साथ ही गंदगी सड़क पर बह रही है। सीवर का पानी भरत मंदिर कॉम्प्लेक्स, ज्योति स्कूल होते हुए कोयल घाटी तक बह रहा है। वहीं, नगर निगम का तर्क है कि पुरानी चुंगी से कोयल घाटी तक नाला निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। इसके तहत यहां ओवरफ्लो होने वाले सीवर को नाले पर छोड़ा जाएगा।
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पुरानी चुंगी मेें सीवर लाइन का पाइप चोक हो गया है। इस कारण नाले का पानी उसमें नहीं छोड़ा जा रहा है। चोक सीवर लाइन की सफाई की जा रही है। बरसाती दिनों में यहां नाला अधिक बहने से सीवर ओवरफ्लो हो जाता है। इसके तहत यहां नाले का निर्माण किया जाना है। इस कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परियोजना की कुल लागत सवा करोड़ रुपये है। नाला निर्माण को लेकर एनएच विभाग से एनओसी शीघ्र ही मिल जाएगी। - आनंद मिश्रवाण, एई, नगर निगम
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बीते पांच दिसंबर को नगर निगम के एई ने दावा किया था कि नाले को 15 दिन में सीवर लाइन से जोड़ दिया जाएगा, लेकिन महीने भर बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बता दें कि करीब तीन वर्ष पहले तत्कालीन नगर पालिका ऋषिकेश की ओर से परशुराम चौक के समीप नाला निर्माण का कार्य किया गया था। 48 लाख रुपये की लागत से इस नाले को पुरानी चुंगी स्थित सीवर लाइन से जोड़ा जाना था। नगर निगम बनने के बाद तक कार्य गतिमान रहा। काफी मशक्कत के बाद परशुराम चौक के समीप नाले का निर्माण पूरा हुआ। इसके बावजूद नाले को सीवर लाइन से जोड़ने की बजाय पुरानी चुंगी के पास खाली पड़े एक प्लॉट पर नाले का मुहाना खोल दिया गया।
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बदहाली का आलम यह है कि इससे खाली प्लॉट तो गंदे पानी से भर ही गया है साथ ही गंदगी सड़क पर बह रही है। सीवर का पानी भरत मंदिर कॉम्प्लेक्स, ज्योति स्कूल होते हुए कोयल घाटी तक बह रहा है। वहीं, नगर निगम का तर्क है कि पुरानी चुंगी से कोयल घाटी तक नाला निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। इसके तहत यहां ओवरफ्लो होने वाले सीवर को नाले पर छोड़ा जाएगा।
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पुरानी चुंगी मेें सीवर लाइन का पाइप चोक हो गया है। इस कारण नाले का पानी उसमें नहीं छोड़ा जा रहा है। चोक सीवर लाइन की सफाई की जा रही है। बरसाती दिनों में यहां नाला अधिक बहने से सीवर ओवरफ्लो हो जाता है। इसके तहत यहां नाले का निर्माण किया जाना है। इस कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परियोजना की कुल लागत सवा करोड़ रुपये है। नाला निर्माण को लेकर एनएच विभाग से एनओसी शीघ्र ही मिल जाएगी। - आनंद मिश्रवाण, एई, नगर निगम