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Rishikesh News: जानलेवा हमले के मामले में सात साल का कारावास
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प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अजय डुंगराकोटी की अदालत ने जानलेवा हमला करने के आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
चंद्रेश्वर नगर निवासी निर्मला देवी ने पांच मार्च 2020 को कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई। निर्मला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि महादेव निवासी हनुमान मंदिर ने उसके भाई राहुल को जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी थी। जिसमें उसका भाई राहुल बुरी तरह झुलस गया था।
शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महादेव के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज कर सात मार्च 2020 को उसे गिरफ्तार किया था। 19 माह बाद 21 अक्तूबर 2021 को न्यायालय के आदेश पर महादेव को जमानत पर रिहा किया गया था। पुलिस ने मामले में चार मई 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अजय डुंगराकोटी की अदालत ने फैसला सुनाया। अभियुक्त महादेव को दोष सिद्ध पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त पर 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। जिसमें से 20 हजार कर राशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में देय होंगे। अर्थ दंड का भुगतान न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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चंद्रेश्वर नगर निवासी निर्मला देवी ने पांच मार्च 2020 को कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई। निर्मला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि महादेव निवासी हनुमान मंदिर ने उसके भाई राहुल को जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी थी। जिसमें उसका भाई राहुल बुरी तरह झुलस गया था।
शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महादेव के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज कर सात मार्च 2020 को उसे गिरफ्तार किया था। 19 माह बाद 21 अक्तूबर 2021 को न्यायालय के आदेश पर महादेव को जमानत पर रिहा किया गया था। पुलिस ने मामले में चार मई 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अजय डुंगराकोटी की अदालत ने फैसला सुनाया। अभियुक्त महादेव को दोष सिद्ध पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त पर 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। जिसमें से 20 हजार कर राशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में देय होंगे। अर्थ दंड का भुगतान न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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