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जल्द दूर होगी गांवों में पेयजल किल्लत
आलोक पंवार /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Mon, 27 Jun 2016 02:29 AM IST
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पानी की टंकी
- फोटो : filephoto
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जल्द ही ऋषिकेश विधानसभा के गांवों में होने वाली पानी के लो-प्रेशर, अनियमित आपूर्ति की समस्या दूर होगी और सरकारी पानी से वंचित इलाकों में पानी पहुंचेगा। यह संभव होगा वर्ल्ड बैंक की फालोआन योजना से। योजना के तहत इन गांवों में नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी और नई ट्यूबवेलों का निर्माण होगा।
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इसके लिए जल निगम ने प्रस्ताव तैयार कर वर्ल्ड बैंक को भेज दिया है। हालांकि यह प्रस्ताव पूरे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लिए भेजा गया है। राहत की बात यह है कि परियोजना में ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामसभा श्यामपुर, ऋषिकेश, हरिपुरकला, प्रतीतनगर को शामिल किया गया है। जहां वर्तमान आबादी के अनुरूप नई पाइप लाइन बिछेगी, ट्यूबवेल बनेंगे ताकी मांग के अनुरूप पेयजल आपूर्ति हो सके। परियोजना के तहत दो चरणों में कार्य होगा। परियोजना साकार हुई तो पेयजल किल्लत से जूझने वाले गांव को पर्याप्त पानी मिलेगा।
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यहां है पेयजल समस्या
ऋषिकेश ग्रामसभा के बापूग्राम, बीस बीघा, इंदिरानगर, नेहरुग्राम में लो-प्रेशर और अनियिमित आपूर्ति। इसी ग्रामसभा के शिवाजीनगर में बसावट के चार दशक बाद भी सरकारी पानी की सुविधा नहीं है। ग्रामसभा श्यामपुर, प्रतीतनगर और हरिपुरकला में भी पेयजल समस्या बनी रहती है। खासकर गर्मी में। पेयजल किल्लत होने पर लोगों को घरों के बाहर से पानी ढोना पड़ता है। दरअसल, इन गांवों में लगातार आबादी बढ़ने से पानी की खपत भी बढ़ रही है। पेयजल आपूर्ति करने वाले संसाधन आबादी के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। ग्रामीण पिछले काफी समय से ट्यूबवेल की क्षमता और नई पाइप लाइन बिछाने की मांग उठाते आ रहे हैं। इस समस्या का जल निगम ने संज्ञान लिया है।
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इनकी सुनिए
प्रदेश के देहात क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए वर्ल्ड बैंक की फॉलोआन परियोजना के तहत अनुमानित नौ सौ करोड़ का प्रस्ताव तैयार वर्ल्ड बैंक को भेजा गया है। परियोजना में ऋषिकेश विधानसभा के गांव भी शामिल हैं। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर नए ट्यूब वैल बनाए जाएंगे और नई पाइप लाइन बिछेगी।
सीताराम, अधिशासी अभियंता, जल निगम, दून