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फसलों को अमृत बनकर आई बरसात
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:43 AM IST
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लंबे समय से बारिश की बाट जो रहे किसानों के लिए रविवार का दिन भारी सुकून लेकर आया। तड़के से ही शुरू हुई तेज बारिश लगभग सूख चुकी गेहूं समेत अन्य फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। दिन भर हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बारिश से किसानों को अच्छे उत्पादन की आश एक बार फिर से जवान हो गई हैं।
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दो माह से बरसात के लिए बेताब किसानों का इंतजार रविवार को खत्म हो गया। सुबह से ही शुरू हुई झमाझम बारिश से किसानों के मुरझाए चेहरे पर खुशी देखने लायक थी। डोईवाला विकास खंड गेहूं उत्पादक ब्लॉक है और यहां अधिकांश किसान गेहूं की बुआई करते हैं। जिस बारिश को किसान दिसंबर माह में चाहते हैं वह फरवरी में आई है।
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डोईवाला में लगभग पांच हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गेहूं की बुआई की जाती है। अभी भी ऐसे तमाम क्षेत्र है जहां किसान सिंचाई के लिए बारिश के भरोसे रहते हैं। ऐसे में रविवार को आई बारिश गेंहू की फसल के लिए वरदान साबित हुई है।
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दूधली के किसान दरपान वोरा और झबरावाला के किसान रणजोध सिंह ने बताया कि बारिश होने से गेंहू की फसल को नई जिंदगी मिल गई है और अब उत्पादन बेहतर रहेगा। चांदमारी के काश्तकार देवेंद्र सिंह मान ने बताया कि फसल के लिए मौसमी बारिश अति आवश्यक होती है। मौसमी बारिश से कीट का प्रभाव कम हो जाता है।
जौलीग्रांट के सागर मनवाल ने बताया कि गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें बारिश से तेजी से विकसित होती हैं। तेलीवाला के हाजी अमीर हसन ने बताया कि बारिश से फसल पर पड़ने वाला किसी भी तरह का कुप्रभाव कम हो जाता है। लिहाजा किसान बारिश की अधिक चाह रखते हैं। डोईवाला के वरिष्ठ किसान गुलशन अरोड़ा ने बताया कि शीत ऋतु की यह बारिश रबि की फसलों के लिए मुफीद है। बारिश से सिंचाई हो जाने से उत्पादन अच्छा रहेगा।