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गंगा की लहरों पर ‘जोखिम’ की राफ्टिंग
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:17 AM IST
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कौडियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में गंगा में व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लाइसेंस जारी करने के बाद पर्यटन और वन विभाग गहरी नींद सो जाते हैं। इसके बाद राफ्टों का संचालन कर रही कंपनियों की मनमानी पर गौर करने वाला कोई नहीं होता।
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पर्यटक, गाइड और हेल्पर समेत दस लोगों के लिए स्वीकृत राफ्टों में 11 से 13 पर्यटकों को ओवरलोड कर गंगा की लहरों पर धड़ल्ले से जोखिम की राफ्टिंग कराई जा रही है। अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में राफ्ट संचालक पर्यटकों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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लेकिन इसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार वन विभाग और पुलिस प्रशासन इस पर कार्रवाई करने के बजाय मूक बने हुए हैं। कौडियाला, मरीनड्राइव, शिवपुरी और ब्रह्मपुरी के पीक प्वाइंटों पर जाने वाले राफ्टिंग में शामिल विभिन्न कंपनियों की नीरगड्ड पर नियमित चेकिंग होती है।
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लेकिन चेकिंग के बावजूद गंगा में अक्सर ओवरलोड राफ्टें तैरती नजर आती हैं। इससे स्पष्ट है कि वन विभाग चेक पोस्टों पर चेकिंग के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है। रविवार को गंगा में राफ्टिंग के दौरान तेज रैपिड पर पलटी राफ्ट की घटना इसकी तस्दीक करती है।
...तो बच सकती थी जान
रविवार को गंगा में राफ्ट पलटने से घायल हुए चंडीगढ़ निवासी शुभम जैन ने बताया कि शिवपुरी से वह जिस राफ्ट में सवार हुए उसमें 11 पर्यटक और एक गाइड शामिल था। उनका कहना था कि अगर राफ्ट में पर्यटकों की संख्या सीमित होती तो, शायद ऐसा हादसा नहीं होता।
यहां यह बताना भी जरूरी है कि राफ्ट में गाइड के साथ एक प्रशिक्षित हेल्पर भी होता है, जो इस राफ्ट में नहीं था। ऐसे में सवाल है कि महज एक गाइड जोखिम की स्थिति में इतने पर्यटकों को गंगा की तेज जलधारा से किस तरह से बचा सकेगा।
लेकिन लोगों की जान से किए जा रहे इस खिलवाड़ को रोकने और इस तरह की घटना की गंभीरता को समझने की फुरसत मनमानी करने वाली कंपनियों को लाइसेंस जारी करने वाले पर्यटन और वन विभाग के आला अधिकारियों को नहीं है।
चेक पोस्ट पर राफ्ट की चेकिंग के समय उसमें सवार पर्यटकों की संख्या छह से आठ के बीच होती है। बाद में इनकी संख्या कैसे बढ़ जाती है, इसकी कोई जानकारी नहीं। भविष्य में इसकी निगरानी की जाएगी।-बीएल टम्टा, रेंज अधिकारी शिवपुरी
ओवरलोड राफ्टों की चेकिंग करना वन विभाग का काम है। पुलिस केवल सूर्यास्त के बाद गंगा में तैर रही राफ्टों पर निगरानी रखती है।-चंदन सिंह बिष्ट, थाना प्रभारी मुनिकीरेती