परमार्थ निकेतन में गुजरात सहित भारत के विभिन्न प्रांतों से आईं महिलाओं ने सत्संग साधना शिविर में भाग लिया। इस मौके पर साध्वी भगवती सरस्वती ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार, पर्यावरण, जल और पौधों का महत्व बताते हुए जल संरक्षण का संकल्प कराया।
मंगलवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित सत्संग में साध्वी ने कहा कि यहां पर मां गंगा का पावन तट अद्भुत है। गंगा की पवित्रता का वर्णन करना असंभव है। मां गंगा को प्रदूषण मुक्त रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। अपनी संस्कृति और संस्कारों के प्रति हम सब का लगाव होना चाहिए। सभी माताएं अपने बच्चों को नारियों का सम्मान करना, पर्यावरण और जल संरक्षण के संस्कार बचपन से ही दें। छोटे बच्चों को टीवी और मोबाइल फोन के साथ कहानियों के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़े रहने के संस्कार प्रदान करें।