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Rishikesh News: 217 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए
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I10 दिवसीय नेत्र रोग चिकित्सा एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का समापन
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Iपरमार्थ और डिवाइन फाउंडेशन की ओर से लगाया गया शिविरI
स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल अस्पताल में परमार्थ निकेतन और डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की ओर से आयोजित 10 दिवसीय नेत्र रोग चिकित्सा एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का बुधवार को समापन हो गया। शिविर में मोतियाबिंद के 217 ऑपरेशन किए गए। हजारों लोगों के आंखों की निशुल्क जांच कर दवाइयां वितरित की गई।
शिविर में खतौली, बिजनौर, रुड़की, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, बूढ़ाकेदार, नीलकंठ, श्रीनगर, बैंगलौर, बरेली, कानपुर, रामनगर, ऊधमसिंह नगर, फरीदाबार, सहारनपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, नजीबाबाद, प्रयागराज, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ आदि स्थानों से आंखों की समस्या लेकर लोग पहुंचे। आस्ट्रेलिया से आई डाॅ. नीलिमा ने कहा कि वह 1999 में भारत छोड़कर आस्ट्रेलिया गई। पहली बार वह वर्ष 2013 में मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में सेवाएं देने आई। तब से प्रतिवर्ष शिविर में सेवाएं देने पहुंच रही हैं। शिविर में हैदराबाद से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद भिडे, अमेरिका से डॉ. मनोज पटेल, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. जॉइनर व शेरोन आदि ने सहयोग दिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी चिकित्सकों व नर्सिंग के विद्यार्थियों को रुद्राक्ष की माला एवं प्रमाणपत्र वितरित किए।
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Iपरमार्थ और डिवाइन फाउंडेशन की ओर से लगाया गया शिविरI
स्वामी शुकदेवानंद चेरिटेबल अस्पताल में परमार्थ निकेतन और डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की ओर से आयोजित 10 दिवसीय नेत्र रोग चिकित्सा एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का बुधवार को समापन हो गया। शिविर में मोतियाबिंद के 217 ऑपरेशन किए गए। हजारों लोगों के आंखों की निशुल्क जांच कर दवाइयां वितरित की गई।
शिविर में खतौली, बिजनौर, रुड़की, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, बूढ़ाकेदार, नीलकंठ, श्रीनगर, बैंगलौर, बरेली, कानपुर, रामनगर, ऊधमसिंह नगर, फरीदाबार, सहारनपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, नजीबाबाद, प्रयागराज, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ आदि स्थानों से आंखों की समस्या लेकर लोग पहुंचे। आस्ट्रेलिया से आई डाॅ. नीलिमा ने कहा कि वह 1999 में भारत छोड़कर आस्ट्रेलिया गई। पहली बार वह वर्ष 2013 में मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में सेवाएं देने आई। तब से प्रतिवर्ष शिविर में सेवाएं देने पहुंच रही हैं। शिविर में हैदराबाद से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद भिडे, अमेरिका से डॉ. मनोज पटेल, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. जॉइनर व शेरोन आदि ने सहयोग दिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी चिकित्सकों व नर्सिंग के विद्यार्थियों को रुद्राक्ष की माला एवं प्रमाणपत्र वितरित किए।
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