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नोट- सात नंबर खबर- जल संस्थान से संबंधित -
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सोमेश्वर नगर स्थित ओवरहेड टैंक।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। जल संस्थान के सोमेश्वर नगर स्थित ओवरहैंड टैंक से आबादी को पर्याप्त नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि यह टैंक डेढ़ घंटे में ही खाली हो रहा है। करीब 25 साल में क्षेत्र की आबादी तीन गुनी बढ़ने से यह परेशानी आ रही है। क्षेत्र में पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए जल संस्थान ओवरटैंक स्थापित करने की भी योजना भी नहीं बना पा रहा है।
1995 में जल संस्थान की ओर से सोमेश्वर नगर में 650 किलोलीटर (छह लाख 50 हजार लीटर) का ओवरहैड टैंक बनाया था। यह टैंक आगामी 15 साल की आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया था। तब गंगानगर, सोमेश्वर नगर, कालेकीढाल, शास्त्रीनगर की करीब 20 हजार की आबादी में पेयजल आपूर्ति होती थी, जो अब बढ़कर करीब तीन गुनी अधिक हो गई है। 25 साल बीत जाने के बाद भी जल संस्थान की ओर से दूसरे ओवरहैड टैंक बनाने पर कोई विचार नहीं किया गया। जल संस्थान की ओर से सुबह 6:30 बजे पानी खोला जाता है, डेढ़ घंटे में पेयजल टैंक खाली होने से 8:00 बजे पानी बंद दिया जाता है। शाम को भी यही स्थिति है। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि करीब 10 साल पहले तक तीन-तीन घंटे सुबह शाम पानी आता था, लेकिन अब डेढ़ घंटा भी पानी नहीं मिल पाता।
- लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं चले सबमर्सिबल
- जल संस्थान की ओर से सोमेश्वर नगर, नंदूफार्म और गंगानगर में एक साल पहले पानी का प्रेशर बढाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर समर्सिबल लगाए गए थे, लेकिन लगाने के बाद वह पंप पेयजल लाइन से नहीं जोड़े गए। ऐसे में वह मात्र शोपीस बन गए।
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शहर में बढ़ रहे अवैध पेयजल कनेक्शन- जल संस्थान में पांच फीटर तैनात हैं, लेकिन फील्ड न तो लीकेज ठीक हो पा रहे हैं न ही अवैध कनेक्शन
पकड़े जा रहे हैं। तहसील चौक के पास एक महीने से राइजिंग लाइन में लीकेज हो रखा है, रात के समय लीकेज वाले गड्ढ़े में गिरकर दोपहिया वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जल संस्थान लीकेज ठीक नहीं करा पाया। ड्यूटी के दौरान फीडरों की लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो रहा है।
स्वर्गाश्रम में एक सप्ताह से पेयजल किल्लत
- नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के वार्ड नंबर एक में पेयजल किल्लत होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर हैं। सभासद जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि ऋषिकेश स्थित जल संस्थान के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई।
यह है तैनात कर्मचारियों की सूची
- जलकल अभियंता- एक
- सहायक अभियंता- एक
- अपर सहायक अभियंता- दो
- स्टोर कीपर- एक
- क्लर्क- दो
- फीडर- पांच
- सहायक लाइनमैन- दो-
- टैंकर चालक- दो
- कार्यालय सहायक- एक
ट्यूबवेल की मोटर फुंकी, लोगों के हलक सूखे
- 15 हजार की आबादी पानी को तरसी
श्यामपुर। गुमानीवाला के रूसा फार्म (भट्टोंवाला) स्थित ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से पेयजल संकट हो गया है। जिससे क्षेत्र की 15 हजार की आबादी पानी को तरस गई। मोटर फुंकने के बाद गुमानीवाला में वॉर्ड 1,3, 4, 8, 9, 10, 11, 12, 13, ,14 और 15 में भी पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लोग पानी के लिए इधर-उधर बाल्टियां लेकर घूम रहे हैं। जल संस्थान की ओर से टैंकर भिजवाए गए। लेकिन आबादी के सामने वह भी कम पड़ गए। ग्राम प्रधान राजेश व्यास का कहना है कि जल संस्थान को एक मोटर अलग से रिजर्व में रखनी चाहिए थी, जो रखी नहीं गई। वहीं जलकल अभियंता अनिल नेगी ने बताया कि मोटर फुंकने के साथ-साथ पैनल भी शॉर्ट हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह तक मोटर भी ठीक करा दी जाएगी।
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1995 में जल संस्थान की ओर से सोमेश्वर नगर में 650 किलोलीटर (छह लाख 50 हजार लीटर) का ओवरहैड टैंक बनाया था। यह टैंक आगामी 15 साल की आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया था। तब गंगानगर, सोमेश्वर नगर, कालेकीढाल, शास्त्रीनगर की करीब 20 हजार की आबादी में पेयजल आपूर्ति होती थी, जो अब बढ़कर करीब तीन गुनी अधिक हो गई है। 25 साल बीत जाने के बाद भी जल संस्थान की ओर से दूसरे ओवरहैड टैंक बनाने पर कोई विचार नहीं किया गया। जल संस्थान की ओर से सुबह 6:30 बजे पानी खोला जाता है, डेढ़ घंटे में पेयजल टैंक खाली होने से 8:00 बजे पानी बंद दिया जाता है। शाम को भी यही स्थिति है। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि करीब 10 साल पहले तक तीन-तीन घंटे सुबह शाम पानी आता था, लेकिन अब डेढ़ घंटा भी पानी नहीं मिल पाता।
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- लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं चले सबमर्सिबल
- जल संस्थान की ओर से सोमेश्वर नगर, नंदूफार्म और गंगानगर में एक साल पहले पानी का प्रेशर बढाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर समर्सिबल लगाए गए थे, लेकिन लगाने के बाद वह पंप पेयजल लाइन से नहीं जोड़े गए। ऐसे में वह मात्र शोपीस बन गए।
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शहर में बढ़ रहे अवैध पेयजल कनेक्शन- जल संस्थान में पांच फीटर तैनात हैं, लेकिन फील्ड न तो लीकेज ठीक हो पा रहे हैं न ही अवैध कनेक्शन
पकड़े जा रहे हैं। तहसील चौक के पास एक महीने से राइजिंग लाइन में लीकेज हो रखा है, रात के समय लीकेज वाले गड्ढ़े में गिरकर दोपहिया वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जल संस्थान लीकेज ठीक नहीं करा पाया। ड्यूटी के दौरान फीडरों की लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो रहा है।
स्वर्गाश्रम में एक सप्ताह से पेयजल किल्लत
- नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के वार्ड नंबर एक में पेयजल किल्लत होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर हैं। सभासद जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि ऋषिकेश स्थित जल संस्थान के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई।
यह है तैनात कर्मचारियों की सूची
- जलकल अभियंता- एक
- सहायक अभियंता- एक
- अपर सहायक अभियंता- दो
- स्टोर कीपर- एक
- क्लर्क- दो
- फीडर- पांच
- सहायक लाइनमैन- दो-
- टैंकर चालक- दो
- कार्यालय सहायक- एक
ट्यूबवेल की मोटर फुंकी, लोगों के हलक सूखे
- 15 हजार की आबादी पानी को तरसी
श्यामपुर। गुमानीवाला के रूसा फार्म (भट्टोंवाला) स्थित ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से पेयजल संकट हो गया है। जिससे क्षेत्र की 15 हजार की आबादी पानी को तरस गई। मोटर फुंकने के बाद गुमानीवाला में वॉर्ड 1,3, 4, 8, 9, 10, 11, 12, 13, ,14 और 15 में भी पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लोग पानी के लिए इधर-उधर बाल्टियां लेकर घूम रहे हैं। जल संस्थान की ओर से टैंकर भिजवाए गए। लेकिन आबादी के सामने वह भी कम पड़ गए। ग्राम प्रधान राजेश व्यास का कहना है कि जल संस्थान को एक मोटर अलग से रिजर्व में रखनी चाहिए थी, जो रखी नहीं गई। वहीं जलकल अभियंता अनिल नेगी ने बताया कि मोटर फुंकने के साथ-साथ पैनल भी शॉर्ट हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह तक मोटर भी ठीक करा दी जाएगी।

गुमानीवाला में टैंकर से पानी भरते लोग।- फोटो : RISHIKESH