फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   No investigation of fogging, how will the havoc of dengue stop Fogging, how will the havoc of dengue stop?

स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम कैसे थमेगा संक्रमण

Sat, 03 Sep 2022 12:57 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
No investigation of fogging, how will the havoc of dengue stop Fogging, how will the havoc of dengue stop?
शहर में लगातार डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऋषिकेश में अभी तक डेंग के 19 डेंगू मरीज मिले, जिसमें सर्वाधिक डेंगू के चार मरीज चंद्रेश्वर नगर के हैं। इनमें से चार मरीज राजकीय अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य लोगों लोग देहरादून और शहर के अन्य निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन

शहर में फॉगिंग और डेंगू के लार्वा को लेकर जांच न होने से कई घरों में डेंगू का लार्वा पनप रहा है, जबकि पिछले साल आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से संयुक्त रूप अभियान चलाया जाता था। प्रत्येक वार्ड में लोगों के घरों में जाकर उनके घरों में गमले, कूलर आदि स्थानों पर एकत्रित पानी की जांच की जाती थी। जहां पर डेंगू का लार्वा मिलता था, उसे तुरंत नष्ट किया जाता था। टीम लोगों को सफाई के लिए जागरूक भी करती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। डेंगू को लेकर इस बार न तो नगर निगम और न ही स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। ऐसे में लापरवाही से डेेंगू के मामले और तेजी के साथ बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन

हर दिन हो रहे 30 रैपिड टेस्ट
राजकीय चिकित्सालय में इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई दिनों से जिनको बुखार आ रहा, उनका टेस्ट किया जा रहा है। पैथोलोजी विभाग के प्रमुख डॉ. मुकेश पांडेय के मुताबिक, लैब में हर दिन 30 लोगों का रैपिड टेस्ट किया जा रहा, जबकि एलाइजा की 10 से 15 जांच हर दिन की जा रही। डेंगू की एलाइजा जांच में पॉजिटिव पाने पर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती किया जाता है। उधर, कई लोग बाहर से जांच कराकर निजी अस्पतालों में इलाज कराते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्याप्त मशीन न कर्मचारी, कैसे होगी फॉगिंग
नगर निगम के 40 वार्ड में हर दिन फॉगिंग नहीं हो पा रही। स्थिति यह कि निगम के पास फॉगिंग की पर्याप्त मशीनें नहीं हैं। कर्मियों की भी कमी है। वर्तमान में निगम के पास 12 फॉगिंग मशीनें सही स्थिति में हैं, जबकि पांच मशीनें खराब हैं।

वार्डों में नियमित फॉगिंग की जाती है। जिन वार्डों में मच्छर होने की अधिक शिकायतें आती हैं, वहां फॉगिंग कराई जाती है। जल्द ही वार्डों में रोस्टर वार फॉगिंग की व्यवस्था की जाएगी।
- राहुल गोयल, नगर आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed