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जिनके लिए चौरासी कुटिया खोली, उन्हें ही रोका
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:47 AM IST
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विश्व में भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया शंकराचार्यनगर को मंगलवार को देसी-विदेशी पर्यटकों, साधकों और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के लिए खोल दिया गया। मगर उद्घाटन अवसर पर चौरासी कुटिया में प्रवेश से वही लोग वंचित रखे गए जिनके लिए खासतौर पर इस धरोहर को सार्वजनिक करने के लिए तमाम जद्दोजहद की गई।
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कुटिया के प्रवेश द्वारा पर रोके गए विदेशी सैलानियों ने इस पर खासी नाराजगी जताई। विश्व प्रसिद्ध संत महर्षि महेश योगी की इस आध्यात्मिक धरोहर को कई विदेशी बीटल्स आश्रम के रूप में जानते-पहचानते हैं। लिहाजा तीर्थनगरी आने वाले अधिकांशत: विदेशियों की प्राथमिकता शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया के भ्रमण की रहती है।
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मंगलवार को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने कुटिया को सबके लिए खोलने के चलते बाकायदा उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। मगर विधिवत पूजन और रिबन कटने के बाद इसके दरवाजे उन्हीं लोगों के लिए बंद रखे गए जिन विदेशियों की आमद के चलते सरकार और महकमे को इस धरोहर को सबके लिए खोलने की वर्षों लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
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लिहाजा इस दौरान कई विदेशी सैलानियों को लंबी प्रतीक्षा के बाद गेट से मायूस लौटना पड़ा। चौरासी कुटिया घूमने आई इंग्लैंड की जूली, लीसा, मॉरिका, जॉनसन और आस्ट्रेलिया के लॉरेन, सेरा, जॉरवी ने बताया कि आज का दिन बहुत ही खास है। इस दिन देसी-विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोगों को अंदर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। लेकिन शुभारंभ के बाद भी किसी विदेशी पर्यटकों को घूमने के लिए प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
विदेशी बोले, छह सौ रुपये नहीं दे पाएंगे
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन द्वारा चौरासी कुटिया में प्रवेश शुल्क देसी पर्यटकों के लिए 150 रुपये प्रति व्यक्ति और विदेशी पर्यटकों के लिए 600 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इस पर भी मंगलवार को विदेशी पर्यटकों ने नाराजगी जताई।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कुटिया के भ्रमण के लिए पहुंचे विदेशी सैलानियों का कहना था कि छह सौ रुपये प्रवेश शुल्क काफी अधिक है। उनका कहना है कि इससे आश्रम के भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ सकती है। अगर सरकार और पार्क प्रशासन यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ाना चाहता है तो उसे प्रवेश शुल्क में कटौती करनी चाहिए। इसके लिए उपयुक्त शुल्क निर्धारित होना चाहिए।