{"_id":"67d5d6a14a7402f9ae0e34e4","slug":"negligence-towards-illness-can-be-fatal-dr-sharon-kandhari-rishikesh-news-c-5-1-drn1046-641388-2025-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमारी के प्रति लापरवाही जान पर पड़ जाती है भारी : डॉ. शेरोन कंडारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमारी के प्रति लापरवाही जान पर पड़ जाती है भारी : डॉ. शेरोन कंडारी
Sun, 16 Mar 2025 01:06 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 16 Mar 2025 01:06 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
एम्स के गुर्दा एवं मूत्र रोग विभाग की संयुक्त पहल पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान मरीजों व उनके तीमारदारों को गुर्दे से संबंधित बीमारियों के लक्षण, बचाव व उपाय के बारे में विस्तार से बताया।चिकित्सा अधीक्षक प्रो.बी सत्य, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डाॅ. शेरोन कंडारी व मूत्र रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. अंकुर मित्तल ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। डॉ. शेरोन कंडारी ने बताया कि विश्व रोग दिवस पर इस वर्ष की थीम ‘क्या आपके गुर्दे स्वस्थ हैं, जल्दी पता लगाएं, किडनी के स्वास्थ्य की रक्षा करें’ रखी गई है। इसी के तहत मरीजों व उनके तीमारदारों को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डाॅ. कंडारी ने कहा कि जागरूकता से काफी हद तक बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। अक्सर बीमारी के प्रति लापरवाही कई बार जान पर भारी पड़ जाती है। उन्होंने मरीजों को गुर्दा रोग के निदान के लिए एम्स में उपलब्ध डायलिसिस से लेकर गुर्दा प्रत्यारोपण आदि सुविधाओं की जानकारी भी दी। डाॅ. कंडारी ने बताया कि एम्स में अप्रैल 2023 में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू हो गई थी। अब तक संस्थान में 10 किडनी ट्रांसप्लांट की जा चुकी हैं। बीते फरवरी माह में ही दो किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। मूत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर मित्तल ने गुर्दे की पथरी की बीमारी, लक्षण, निदान के उपाय, सावधानी और एम्स अस्पताल में उपलब्ध मेडिकल से सर्जिकल तक की उपचार प्रणालियों के बारे में बताया। इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विभाग की सीनियर रेसिडेंट डॉ. पारूल, यूरोलॉजी विभाग के सीनियर रेसिडेंट डॉ. हर्षित आदि मौजूद रहे।