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Rishikesh News: 7.10 करोड़ से होगा छात्रावास का निर्माण
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Iराजकीय पॉलीटेक्निक रानीपोखरी में कैबिनेट मंत्री ने किया शिलान्यासI
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने राजकीय पॉलीटेक्निक रानीपोखरी में छात्रावास और चाहरदीवारी का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड योजना के अंतर्गत छात्रावास और चाहरदीवारी आदि कार्य को किया जाएगा। जिसकी लागत 710.49 लाख रुपये है। यह निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य के होने से इस संस्था में एआईसीटीई के मानकों की प्राप्ति होगी। छात्रावास सुविधा होने से दूरस्थ ग्रामीण खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। युवा शक्ति को रोजगार के जोड़ने के लिए तकनीकी शिक्षा जरूरी है।
राजकीय पालीटेक्निक रानीपोखरी में पुरानी कोर ब्रांच सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अलावा इंजीनियरिंग की एक नई शाखा मेकाट्रोनिक्स शुरू की गई है। पॉलीटेक्निक संस्थाओं में लैंग्वेज लैब की स्थापना की गई है। निदेशक तकनीकी शिक्षा आरपी गुप्ता ने कहा कि अवस्थापना सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा संस्थानों को कुल 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
रोजगार के लिए तकनीकी शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर निदेशक देशराज, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश पाण्डेय, प्रधानाचार्य एके पाठक, परियोजना प्रबंधक अरविंद सिंह सजवाण आदि उपस्थित रहे।
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कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने राजकीय पॉलीटेक्निक रानीपोखरी में छात्रावास और चाहरदीवारी का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड योजना के अंतर्गत छात्रावास और चाहरदीवारी आदि कार्य को किया जाएगा। जिसकी लागत 710.49 लाख रुपये है। यह निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य के होने से इस संस्था में एआईसीटीई के मानकों की प्राप्ति होगी। छात्रावास सुविधा होने से दूरस्थ ग्रामीण खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। युवा शक्ति को रोजगार के जोड़ने के लिए तकनीकी शिक्षा जरूरी है।
राजकीय पालीटेक्निक रानीपोखरी में पुरानी कोर ब्रांच सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अलावा इंजीनियरिंग की एक नई शाखा मेकाट्रोनिक्स शुरू की गई है। पॉलीटेक्निक संस्थाओं में लैंग्वेज लैब की स्थापना की गई है। निदेशक तकनीकी शिक्षा आरपी गुप्ता ने कहा कि अवस्थापना सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा संस्थानों को कुल 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
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रोजगार के लिए तकनीकी शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर निदेशक देशराज, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश पाण्डेय, प्रधानाचार्य एके पाठक, परियोजना प्रबंधक अरविंद सिंह सजवाण आदि उपस्थित रहे।
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