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Rishikesh News: तेजी से बढ़ रहे गुर्दे की पथरी के मामले
Wed, 29 Apr 2026 02:21 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:21 AM IST
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आजकल गुर्दे की पथरी के मामले बढ़ रहे हैं। राजकीय उपजिला चिकित्सालय की ओपीडी में हर दिन 10 से 15 मरीज पथरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, कम पानी पीना और खानपान की गलत आदतें इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही हैं।
राजकीय उपजिला चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा कहते हैं कि बदलती जीवन शैली कई रोगों को जन्म दे रही है, जिनमें पथरी भी प्रमुख है। दिन भर की भागमभाग और कम पानी पीना पथरी का बड़ा कारण बन रहा है। डॉ. सलूजा बताते हैं कि ओपीडी में कई मरीज ऐसे आते हैं जो दिन भर में मुश्किल से एक गिलास पानी नहीं पी रहे हैं। शरीर में पानी की कमी से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ता है।
अधिक नमक और जंक फूड, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पालक, चाय, चॉकलेट का अत्यधिक सेवन, प्रोटीन का अधिक सेवन खासकर रेड मीट और सप्लीमेंट्स का ज्यादा उपयोग इसके प्रमुख कारणों में हैं। इसके अलावा बैठे रहने की आदत, कम शारीरिक गतिविधि भी एक कारण है। डॉ. सलूजा कहते हैं कि सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर गुर्दे की पथरी से बचा जा सकता है। लापरवाही करने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
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इन बातों का रखें खास ध्यान
डॉ. सलूजा बताते हैं कि दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं। नमक और जंक फूड का सेवन कम करें। संतुलित आहार लें और हरी सब्जियों का सीमित सेवन करें। नियमित रूप से व्यायाम करें।
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लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
कमर या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून, बार-बार पेशाब आना, उल्टी या जी मिचलाना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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राजकीय उपजिला चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा कहते हैं कि बदलती जीवन शैली कई रोगों को जन्म दे रही है, जिनमें पथरी भी प्रमुख है। दिन भर की भागमभाग और कम पानी पीना पथरी का बड़ा कारण बन रहा है। डॉ. सलूजा बताते हैं कि ओपीडी में कई मरीज ऐसे आते हैं जो दिन भर में मुश्किल से एक गिलास पानी नहीं पी रहे हैं। शरीर में पानी की कमी से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ता है।
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अधिक नमक और जंक फूड, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पालक, चाय, चॉकलेट का अत्यधिक सेवन, प्रोटीन का अधिक सेवन खासकर रेड मीट और सप्लीमेंट्स का ज्यादा उपयोग इसके प्रमुख कारणों में हैं। इसके अलावा बैठे रहने की आदत, कम शारीरिक गतिविधि भी एक कारण है। डॉ. सलूजा कहते हैं कि सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर गुर्दे की पथरी से बचा जा सकता है। लापरवाही करने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
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इन बातों का रखें खास ध्यान
डॉ. सलूजा बताते हैं कि दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं। नमक और जंक फूड का सेवन कम करें। संतुलित आहार लें और हरी सब्जियों का सीमित सेवन करें। नियमित रूप से व्यायाम करें।
लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
कमर या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून, बार-बार पेशाब आना, उल्टी या जी मिचलाना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।