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कांवड़ यात्रा: नीलकंठ में साढ़े चार लाख ने चढ़ाया जल
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Mon, 01 Aug 2016 02:24 AM IST
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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श्रावण मास कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में रविवार को मंदिर में जल चढ़ाने के लिए शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ा। बोल बम, बमबम..., उद्घोष के साथ देर रात तक साढे़ चार लाख शिवभक्तों ने प्राचीन शिवालय नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। कांवड़ यात्रा के 13 वें दिन नीलकंठ मंदिर में अब तक जलाभिषेक करने वाले शिवभक्तों की संख्या 28 लाख से अधिक पार कर चुकी है। रविवार को बाइक सवार कांवड़ियों का रैला उमड़ने से तीर्थनगरी में जाम के हालात बने रहे। जाम खुलवाने में पूरे दिन पुलिस के पसीने छूटे रहे।
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रविवार को तीर्थनगरी में शिवभक्तों ने मोक्षदायिनी में आस्था की डुबकी लगाई और गंगा जल भरकर हर हर महादेव जयकारों के साथ प्राचीन शिवालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग, मोटर मार्ग और मंदिर परिसर भगवा रंग में रंगा रहा। मंदिर परिसर दिन भर जय भोले की जयकारों के साथ गुंजायमान रहा। नीलकंठ में ब्रह्ममूर्हुत से शुरू हुए जलाभिषेक में शाम चार बजे 2 लाख, 86 हजार, तीन सौ 85 शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। जलाभिषेक होते होते शाम छह बजे शिवभक्तों की दर्शनों की संख्या तीन लाख, 61 हजार, नौ सौ 55 पार कर गई। दर्शन और जलाभिषेक का क्रम देरशाम सांध्य कालीन आरती के बाद भी जारी रहा।
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जो साढ़े चार लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर गया। मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि मंदिर परिसर में सुबह से शिवभक्तों की संख्या में कोई गिरावट नहीं आई। शिवालय में जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर से नीलकंठ पैदल मार्ग पर कई किमी की दूरी तक शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। कावंड़ यात्रा के चरम में बढ़ रही शिवभक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के भी पसीने छूट रहे हैं। बैराज मोटर मार्ग से नीलकंठ मंदिर परिसर तक सड़क पर दिनभर दुपहिया वाहनों का रैला उमड़ा रहा।
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