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गंगा किनारे जेसीबी से बना रहे प्लेटफार्म
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:56 AM IST
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नीरगड्डू स्थित होमऐज में खुलेआम गंगा की तलहटी पर अवैध निर्माण की तैयारी चल रही है। खुलेआम गंगा किनारे जेसीबी से खुुदाई कराकर निर्माण कार्य के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का कार्य जोरों पर है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद गंगा के प्रतिबंधित दायरे में कई दिनों से चल रहे निर्माण कार्य को रोकने की हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचडीए) ने जहमत नहीं उठाई।
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लोग इस मामले में प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं। गंगा के दो सौ मीटर की परिधि में किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर हाईकोर्ट से रोक है। नीरगड्डू में हो रहे निर्माण कार्य की स्थानीय लोगों ने एचडीए से शिकायत भी की लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि रसूखदारों की एचडीए से सांठगांठ है।
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उनका मानना है कि प्राधिकरण सिर्फ गरीब लोगों पर ही नियम कानून लागू करता है। मगर पहुंच वालों के आगे वह नियम कानून को ताक पर रखकर घुटने टेक देता है।
रसूखदारों के आगे एचडीए के नियम
लोगों में आम धारणा बन चुकी है कि गंगा के दो सौ मीटर की परिधि में हो रहे निर्माण पर केवल आम लोगों के लिए प्रतिबंध है। लेकिन पैसे और ऊंची पहुंच रखने वालों पर यह कायदे लागू नहीं होते। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर रसूखदार को अवैध निर्माण की छूट दे दी जाती है।
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16 सितंबर को एचडीए द्वारा तपोवन स्थित एलोहा आवासीय परिसर में अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई थी, मगर महज सात घंटे बाद ही आधी रात को प्राधिकरण के अधिकारियों ने बंद सील को खोल दिया था। जानकार इस प्रकरण में सीलिंग के बाद उसे हटाने की वजह उत्तराखंड शासन के कुछ बड़े अफसरों की मिलीभगत भी बताते हैं।
मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-अरविंद कुमार पांडेय, उपसचिव एचडीए, एसडीएम ऋषिकेश।