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बिना प्रभु स्मरण से परमात्मा की प्राप्ति संभव नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/ऋषिकेश।
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:20 AM IST
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श्यामपुर स्थित खदरी खड़गमाफ में कलशयात्रा निकालते श्रद्धालु।
- फोटो : amar ujala.
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कथावाचक डा. विनीत वत्सल ने कहा कि बिना प्रभु का स्मरण किए मनुष्य को परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती। सुमिरन ही भगवान से साक्षात्कार का सबसे सरल माध्यम है। केवल दुख ही नहीं सुख में भी भगवान को याद करना चाहिए।
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श्यामपुर के खदरी खड़कमाफ में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के तहत बुधवार प्रात:काल त्रिवेणीघाट से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर डा. विनीत वत्सल ने भक्तों को श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग सुनाए। धार्मिक अनुष्ठान में मेधनीधर रतूड़ी, सोहन लाल रतूड़ी, ज्ञानानंद रतूड़ी, सुंदरमणि शास्त्री, सुरेंद्र रयाल, दिनेश रतूड़ी, ममता रणाकोटी, अरुण रणाकोटी, गोपेश्वर प्रसाद रतूड़ी, दीपक कुलियाल, बुद्धि देवी, खुशीराम रतूड़ी, ऊमा देवी, राजेश्वरी देवी, दिगंबर प्रसाद रतूड़ी, लाखीराम रतूड़ी आदि शामिल हुए।
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