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सिंचाई विभाग के कार्यालय में ठेकेदार महांसघ ने की तालाबंदी
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04 त्रिवेणी घाट स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय में तालाबंदी करते ठेकेदार महासंघ के सदस्य।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। ई-टेंडरिंग के विरोध में सिंचाई विभाग कार्यालय त्रिवेणीघाट में ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश ने तालाबंदी कर आक्रोश जताया। महासंघ ने एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। समस्या का समाधान नहीं होने पर एक दिसंबर को उग्र आंदोलन की चेेतावनी दी है।
सोमवार को सिंचाई विभाग के कार्यालय के बाहर पहुंचे ठेकेदार महासंघ के सदस्यों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की है। इसमें 35 लाख से ऊपर ई-टेंडरिंग कर दिया गया है। इसमें प्रदेश के बाहरी ठेकेदारों को काम दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के डी, ई और सी क्लास के छोटे ठेकेदारों का काम बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार बडे़-बडे़ ई-टेंडरिंग करे, लेकिन इसमें हर वर्ग के ठेकेदार को भी शामिल करे। कहा कि कोरोना काल में पहले ही ठेकेदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। अब प्रदेश सरकार ई-टेंडरिंग कर उन्हें बेरोजगार करने का प्रयास कर रही है।
इस मौके पर भगवती प्रसाद सेमवाल, संजय पोखरियाल, हर्षपति सेमवाल, प्रताप सिंह पोखरियाल, नरेश बिष्ट, नरेश चौहान, रमेश रांगड़, श्रीपाल रावत, वीरपाल सिंह बग्याल, चंदन सिंह और सत्येंद्र सिंह रावत आदि मौजूूद थे।
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सोमवार को सिंचाई विभाग के कार्यालय के बाहर पहुंचे ठेकेदार महासंघ के सदस्यों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की है। इसमें 35 लाख से ऊपर ई-टेंडरिंग कर दिया गया है। इसमें प्रदेश के बाहरी ठेकेदारों को काम दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के डी, ई और सी क्लास के छोटे ठेकेदारों का काम बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार बडे़-बडे़ ई-टेंडरिंग करे, लेकिन इसमें हर वर्ग के ठेकेदार को भी शामिल करे। कहा कि कोरोना काल में पहले ही ठेकेदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। अब प्रदेश सरकार ई-टेंडरिंग कर उन्हें बेरोजगार करने का प्रयास कर रही है।
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इस मौके पर भगवती प्रसाद सेमवाल, संजय पोखरियाल, हर्षपति सेमवाल, प्रताप सिंह पोखरियाल, नरेश बिष्ट, नरेश चौहान, रमेश रांगड़, श्रीपाल रावत, वीरपाल सिंह बग्याल, चंदन सिंह और सत्येंद्र सिंह रावत आदि मौजूूद थे।
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