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Rishikesh News: खेलो इंडिया कार्यक्रम कैसे चढ़ेगा परवान, शहर में नहीं खेल मैदान

Fri, 27 Sep 2024 08:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:42 PM IST
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How will Khelo India program take off, there is no playing

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शहर में कहीं भी सार्वजनिक खेल मैदान नहीं है। इसके अलावा पूरे शहर में एक भी इनडोर स्टेडियम उपलब्ध नहीं है। ऋषिकेश शहर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सरकार की ओर से दी जाने वाले खेल सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार का खेलो इंडिया कार्यक्रम आखिर कैसे परवान चढ़ सकेगा, यह विचारणीय विषय है।

भारत सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य देश में खेले जाने वाले सभी खेलों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार कर जमीनी स्तर पर भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना और भारत को एक महान खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। लेकिन ऋषिकेश शहर में विभिन्न खेलों में रूचि रखने वाले खिलाड़ियों को क्रीड़ा सामग्री, खेल संबंधी किट सहित खेल मैदान तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
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शहर क्षेत्र में श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज और श्रीदेव सुमन विवि के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर का खेल मैदान है। यह दोनों ही मैदान उक्त शिक्षण संस्थानों की संपत्ति हैं। जिसमें ज्यादातर संस्थानों के छात्र ही अपने क्रीड़ा संसाधनों से क्रिकेट आदि खेल खेलते हैं। यह दोनों ही खेल मैदान वर्तमान समय में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। दोनों खेल मैदानों में बड़ी-बड़ी घास जमी हुई है। जिसमें कोई भी खेल सही मायनों में संभव नहीं है।
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एक खेल मैदान आईडीपीएल में भी है। लेकिन यह भूमि वन विभाग के अधीन है। यहां भी खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की क्रीड़ा सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है। यहां भी खिलाड़ी निजी संसाधनों से केवल क्रिकेट या फुटबाल ही खेलते नजर आते हैं। इसके अलावा पूरे शहर क्षेत्र में एक भी सार्वजनिक इनडोर स्टेडियम उपलब्ध नहीं है।



जबकि ऋषिकेश से सटे टिहरी जनपद के मुनि की रेती क्षेत्र में लगभग सभी खेलों के लिए पूर्णानंद स्टेडियम है। जहां जिला क्रीड़ा कार्यालय में पंजीकरण के बाद खिलाड़ियों को उचित खेल संसाधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं ऋषिकेश शहर में खेल संसाधनों की कमी के कारण खिलाड़ियों की प्रतिभा दफन हो रही है। लेकिन शासन-प्रशासन फाइलों में खेलो इंडिया कार्यक्रम का क्रियान्वयन कर खुद की पीठ थपथपा रहा है।


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कोट

श्यामपुर में खेल स्टेडियम के लिए शासन से 70 बीघा भूमि आवंटित हो चुकी है। जिसके निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है। इसके अलावा खेलों को बढ़ावा देने के लिए क्रॉस कंट्री के आयोजन सहित विभिन्न खेलों के कैंप भी लगाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को खेल संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। - निधि बिंजोला, जिला क्रीड़ा अधिकारी, देहरादून
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