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इलाज से पहले लाइनों में फूल रहा बुजुर्गों का दम

Wed, 10 Jul 2019 01:30 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 01:30 AM IST
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hospital problem
गर्मी में भी ठप पड़े एसपीएस अस्पताल के पंखे। - फोटो : RISHIKESH
इलाज की बात तो बाद में। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय पहुंचने वाले बुजुर्गों का दम लाइन में लगे-लगे फूल रहा है। ओपीडी के लिए अलग डिजिटल काउंटर न होने से बुजुर्गों और महिलाओं को खास तौर पर दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पर्ची उन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद मिल पा रही है। ओपीडी डिजिटल काउंटर पर बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून रोड स्थित सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन पांच सौ से ज्यादा लोग ओपीडी सेवा का लाभ लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ओपीडी काउंटर की व्यवस्था बड़ी अजीबोगरीब है। सुबह आठ बजे से 11 बजे तक मैनुअल पर्चियां बनाई जाती हैं। दोपहर 11 बजे से एक बजे तक मरीजों की पर्चियां कंप्यूटर से बनती हैं। दोनों ही चरणों में मरीजों की लंबी लाइन लगती है।
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सुबह आठ बजे से 11 बजे तक तो ओपीडी काउंटर में तीन लाइन महिला, पुरुष और बुजुर्ग की लगाई जाती है, लेकिन दिक्कत इसके बाद शुरू होती है। पूर्वाह्न 11 बजे के बाद ओपीडी का डिजिटल काउंटर खोल दिया जाता है। इस अकेले काउंटर पर ही महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग सभी लाइन में खड़े होकर घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसमें बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब होती है। अपनी दादी का इलाज कराने पहुंचे सागर का कहना था कि लाइन लंबी होने से उनकी दादी को चक्कर आ गया। इलाज के लिए आए हैं, लेकिन और परेशान हो रहे हैं।
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जेनरेटर हैं पर चलाते नहीं, गर्मी से जूझते हैं मरीज
एसपीएस अस्पताल की तमाम ओपीडी में मरीज बीमारी के साथ ही गर्मी से भी जूझते हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि जेनरेटर की व्यवस्था के बावजूद इसे चलाया नहीं जाता। ऐसे में बिजली कट लगने पर पंखे तक नहीं चलते।
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जानकारी तलब करेंगे, जरूरी उपाय होंगे
अस्पताल में जेनरेटर की व्यवस्था है। पंखे भी चलाए जाते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अलग काउंटर पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। कर्मचारियों की किल्लत के कारण ऐसा हो सकता है। जानकारी तलब की जाएगी। इसके बाद जरूरी उपाय किए जाएंगे।
-डॉ. एनएस तोमर, चिकित्साधीक्षक
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