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डूब रहे पर्यटक, फिर भी गंगा किनारे से नहीं हट रहे कैंप

Wed, 29 Jun 2022 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 01:00 AM IST
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Drowning tourists, yet the camps are not moving from the banks of the Ganges
शिवपुरी में आईटीबीपी कैंप के आसपास एनजीटी के आदेश को धता बताते हुए दर्जनों बीच कैंप लगाए जा रहे रहे हैं। कैंपों के आसपास अधिकांश संवेदनशील गंगा तट हैं। पर्यटक रोमांच के चक्कर में जान का जोखिम उठाकर इन गंगा घाटों पर दिनभर नहाते हैं। इसके चलते आए दिन गंगा तटों पर डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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ऋषिकेश में राफ्टिंग और कैंपिंग के शौकीन देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद शिवपुरी है। यहां राफ्टिंग और कैंपिंग के लिए वीकेंड पर हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पहले शिवपुरी में बीच कैंप भी थे। लेकिन एनजीटी ने गंगा के 200 मीटर के दायरे में कैंपिंग से पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन आईटीबीपी कैंप के पास आज भी कई कैंपिंग संचालक बीच कैंप सजा रहे हैं। युवा पर्यटकों बीच कैंपिंग को लेकर खासे उत्साहित रहते हैं। यही कारण है कई कैंपिंग संचालक एनजीटी के आदेश को ताक पर रखकर आईटीबीपी कैंप के आसपास गंगा तट पर पर्यटकों को बीच कैंपिंग करवा रहे हैं। यहां कैंपों में ठहरने वाले पर्यटक दिनभर नदी के तटों के आसपास ही रहते हैं। वह पूरा दिन गंगा में अठखेलियां करते हुए बिताते है। यहां गंगा का बहाव बहुत तेज है। यही कारण के अति उत्साह में कई पर्यटक नदी के तेज बहाव में आकर डूब जाते हैं। मुनिकीरेती थाना प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि इस साल जून तक 22 पर्यटक शिवपुरी में आईटीबीपी कैंप के पास गंगा में बहे थे, जिनमें से सात डूब गए थे।
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नशे में डूबते हैं अधिकांश पर्यटक
यह बात किसी से छिपी नहीं है इन कैंपों में पर्यटक शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी करते हैं। हालांकि पुलिस ने भी लगातार गंगा तटों पर नशा करने वाले पर्यटकों पर कार्रवाई करती रहती है। लेकिन बीच कैंप में ठहरने वाले पर्यटक नशे में गंगा में उतरकर नहाने लगते। ऐसा कई बार हुआ जब शराब के नशे में संतुलन खोने से पर्यटक गंगा में बह गया और उसको बचाने के चक्कर में साथी में तेज बहाव की चपेट में आ गए। कई बार तो बीच कैंपों में रहने वाले रात को भी गंगा में नहाने के लिए उतर जाते हैं।
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- पूर्व में जिला प्रशासन ने बीच कैंप हटवाएं थे। अगर अब भी कैंप लग रहे थे तो इसके लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। प्रशासन से बीच कैंपिंग करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया जाएगा।
-खुशाल सिंह, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी, टिहरी गढ़वाल
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